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दूसरा सोमवार, शिव खोलेंगे किस्मत के द्वार
राकेश/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 29 Jul 2013 11:25 AM IST
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सावन का दूसरा सोमवार 5 अगस्त को है। यह सोमवार कई शुभ योगों को साथ लेकर आया है। इस दिन सभी कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला सर्वार्थ सिद्धि नामक योग बना हुआ है। इसके साथ ही अमृति सिद्धि नामक शुभ योग भी वर्तमान है। इन दोनों योगों के कारण इस वर्ष सावन का दूसरा सोमवार बहुत ही उत्तम और शुभ है।
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इस दिन भगवान शिव की पूजा करके कोई भी नया काम शुरू करने से सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी। संयोग की बात यह भी है कि इस सोमवार के दिन त्रयोदशी तिथि भी है जो भगवान शिव को समर्पित होता है। इसलिए सावन के दूसरे सोमवार के दिन शिव की पूजा से त्रयोदशी और सावन सोमवार की पूजा का पुण्य एक साथ प्राप्त होगा।
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कुंवारी कन्याओं को इस दिन मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा साथ-साथ करनी चाहिए। माता पार्वती को सुहाग सामग्री जैसे सिन्दूर, बिन्दी, लाल चूड़ी और लाल वस्त्र चढ़ाएं।
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भगवान शिव को दूध में चीनी और शहद मिलाकर स्नान कराएं और सफेद वस्त्र भेट करें। भोले बाबा प्रसन्न होंगे और विवाह में आने वाली बाधा दूर होगी। सुहागन स्त्रियां भी इसी विधि से शिव और पार्वती की पूजा करती हैं तो पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है। दांपत्य जीवन खुशहाली बनी रहती है।
जिन लोगों को व्यवसाय एवं आजीविका में परेशानी आ रही है उन्हें भोले बाबा को खुश करने के लिए इस सोमवारी के मौके पर गंगाजल से शिव जी का अभिषेक करना चाहिए और शिव जी को भांग, धतूरा एवं बेलबत्र अर्पित करना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है कि इस शुभ योग में शिव की पूजा करने से भाग्योदय होता है और परिश्रम के अनुसार व्यक्ति को सफलता मिलती है।
जिन छात्रों का मन चंचल रहता है और पढ़ने में रूचि नहीं रहती उन्हें भोलेनाथ को दूध और अक्षत अर्पित करना चाहिए। शाम के समय शिवलिंग से मोती स्पर्श कराकर 'ओम सोम सोमाय नमः' इस मंत्र का 108 बार जप करके मोती धारण करना चाहिए।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार क्रोध को काबू में रखने के लिए भी यह उपाय उत्तम है। कर्क राशि एवं लग्न वालों के अलावा जिनके भाग्य स्थान का स्वामी अथवा जिनके भाग्य भाव में चन्द्रमा बैठा है वह भी यह उपाय करते हैं तो कामयाबी उनके कदम चूमती है।