फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shardiya Navratri 2020 importantance of dashmi tithi in Navratri

Navratri 2020: दशमी में इस देवी की जरूर करें आराधना, वरना अधूरी मानी नवरात्रि पूजा

Wed, 14 Oct 2020 01:27 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 14 Oct 2020 01:27 PM IST
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2020 importantance of dashmi tithi in Navratri
शारदीय नवरात्रि 2020 - फोटो : सोशल मीडिया

शारदीय नवरात्रि का पावन उत्सव 17 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। शरद नवरात्रि आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होती है जो नवमी तिथि तक चलती है। दशमी के दिन विजयादशमी (दशहरा) पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दशमी के दिन अपराजिता देवी की पूजा की जाती है। 

विज्ञापन


कहते हैं कि भगवान श्रीराम ने दशमी तिथि के दिन मां अपराजिता देवी की आराधना की पूजा की थी। इस पूजन का उद्देश्य सभी दिशाओं में विजय प्राप्ति से था। अपराजिता देवी के नाम से ही ज्ञात होता है कि यह वे देवी हैं, जिनको कोई पराजित नहीं कर सकता है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति को विजय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
विज्ञापन


दशमी तिथि के दिन अपराजिता देवी की पूजा विधि
विजयादशमी के दिन भगवान राम की पूजा करने से पूर्व ही अपराजिता देवी की पूजा कर लेनी चाहिए, इसके लिए अपराह्न का समय उत्तम माना जाता है। पूजा के समय देवी सूक्तम का पाठ अवश्य करें। इसके बाद ॐ अपराजितायै नम: मंत्र का जाप कम से कम 11 बार कर सकते हैं। इस आप देवी कवच और अर्गला स्तोत्र का पाठ भी करें तो उत्तम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपराह्न पूजा मुहूर्त:
दोपहर 13:12 बजे से दोपहर 15:27 बजे के मध्य।
कुल समय: 02 घण्टा 15 मिनट
दशमी तिथि का प्रारम्भ: 25 अक्टूबर 2020 को सुबह 07:41 बजे से।
दशमी तिथि का समापन: 26 अक्टूबर 2020 को सुबह 09:00 बजे।

इसलिए मनाया जाता है दशहरा पर्व का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के साथ होने वाले युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी मां भगवतीजी की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लंका नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की। इस दिन को विजयदशमी के रूप में जाना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed