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Shaniwar Ke Upay: शनिवार को पीपल पूजन का क्या है महत्व, जानें जीवन की बाधाओं को दूर करने वाले उपाय

Sat, 07 Jun 2025 10:53 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 07 Jun 2025 10:53 AM IST
सार

शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है और पीपल को शनिदेव का प्रिय वृक्ष माना जाता है। इसलिए इस दिन पीपल की पूजा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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Shaniwar Ke Upay Date Puja Vidhi And Significance Why Peepal Tree Worshipped On Saturday
पीपल के वृक्ष का महत्व - फोटो : freepik

विस्तार

सनातन धर्म में पीपल के वृक्ष को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। विशेष रूप से शनिवार के दिन इसकी पूजा करने का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों, पुराणों और शास्त्रों में पीपल को ईश्वर का निवास स्थान बताया गया है। मान्यता है कि पीपल में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है, वहीं शनिदेव भी इस वृक्ष में विशेष रूप से प्रतिष्ठित माने जाते हैं। अतः शनिवार को पीपल की पूजा करने से सभी ग्रहदोष विशेषकर शनि दोष का शमन होता है।

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पौराणिक मान्यताएं
पद्म पुराण, स्कंद पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण जैसे ग्रंथों में पीपल की महिमा का वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु इस वृक्ष में प्रतिदिन प्रातःकाल वास करते हैं। श्रीकृष्ण ने भी गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल कहा है “अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम्”। वहीं एक कथा के अनुसार जब शनिदेव ने तपस्या की, तब उन्होंने पीपल वृक्ष की छाया में वर्षों ध्यान लगाया। इससे प्रसन्न होकर त्रिदेव ने उन्हें यह वरदान दिया कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उसकी शनि से संबंधित बाधाएं दूर होंगी।
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शनिवार को पूजा का कारण
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है, और पीपल को शनिदेव का प्रिय वृक्ष माना जाता है। इसलिए इस दिन पीपल की पूजा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से जो लोग साढ़ेसाती, ढैया या शनि की महादशा से पीड़ित होते हैं, उनके लिए यह पूजा अत्यंत फलदायक मानी जाती है।

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पूजा विधि
शनिवार को प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण कर पीपल के वृक्ष के नीचे जाएं। वहां जल, दूध, गंगाजल, काले तिल और पुष्प चढ़ाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाएं और सात परिक्रमा करें। शनिदेव का ध्यान कर “ॐ शनैश्चराय नमः” अथवा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। इस दिन पीपल को न काटें और न ही किसी प्रकार की हानि पहुंचाएं।

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पीपल पूजन के लाभ

  • शनि दोष से मुक्ति: शनिवार को पीपल की पूजा करने से शनि की कुदृष्टि शांत होती है और शनि दोष के कारण आने वाली परेशानियां कम होती हैं।
  • पुण्य की प्राप्ति: धार्मिक दृष्टिकोण से पीपल की पूजा करने से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • स्वास्थ्य और समृद्धि: पीपल के नीचे ध्यान या मंत्रजप करने से मानसिक शांति मिलती है और रोग-निवारण में भी मदद मिलती है।
  • पितृ दोष से मुक्ति: मान्यता है कि पीपल की पूजा करने से पितृ दोष भी शांत होता है।
  • संतान सुख की प्राप्ति: जो महिलाएं संतान प्राप्ति की इच्छा रखती हैं, उनके लिए भी पीपल की पूजा विशेष फलदायक मानी गई है।
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