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Shani Jayanti 2025: शनि जयंती पर कौन-कौन से उपाय करने से मिलती है शनिदोष से मुक्ति

Mon, 19 May 2025 02:03 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 19 May 2025 02:03 PM IST
सार

शनि जयंती इस वर्ष 27 मई को है। शनि देव की कृपा पाने के लिए इस दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय करने से शनिदोषों से मुक्ति मिलती है। 

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Shani Jayanti 2025 Date Know Effective Remedies to Get Rid of Shani Dosha Key points in Hindi
शनि जयंती पर कुछ उपाय बहुत ही कारगर होते हैं। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Shani Jayanti 2025 : इस वर्ष 27 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में शनि जयंती के त्योहार का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव का जन्म हुआ था। शनि जयंती पर भगवान शनि की पूजा-आराधना के लिए विशेष महत्व होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शनिदेव का जन्म आमावस्या तिथि को शनिवार के दिन हुआ था। इस दिन मंदिरों में मुख्य रूप से शनि-शांति के कर्म, पूजा-अनुष्ठान,पाठ और दान आदि करने से शनि व पितृ दोषों की शांति होती है। शनि जयंती के दिन कुछ उपाय करने से अगर कुंडली में शनि संबंधी कुछ दोष हैं वह बहुत ही आसानी के साथ दूर हो जाते हैं और शनि महाराज की विशेष कृपा मिलती है। आइए जानते हैं शनि जयंती पर कौन-कौन से उपाय करने से शनि संबंधी दोषों से मुक्ति मिलती है। 

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पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के पेड़ में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में पीपल का पेड़ शनिदेव को बहुत ही प्रिय होता है। शनि जयंती पर रात के समय अगर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं तो शनिदेव बहुत ही प्रसन्न होते हैं। इससे शनिदोष र साढ़ेसाती का असर कम होता है। साथ ही मनचाहे कार्यों में सफलता मिलती है। 
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शनि मंदिर में दीपदान
शनि जयंती के अवसर पर शनि मंदिर जाकर शनिदेव के दर्शन करने और दीपक जलाना बहुत ही शुभ और उत्तम होता है। इस दिन शनिदेव की मूर्ति के सामने सरसों का तेल जलाएं और काले तिल का दान करें। इसे शनिदोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में कष्टों में कमी आती है। 

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शनि जयंती पर मंत्रों का जाप
शनि जयंती पर शनिदेव की आराधना, पूजा और मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है। शनि और पितृदोषों से मुक्ति के लिए शनि जयंती पर शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’का जाप करना फलदायी होता है। 
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पूजा घर में दीपक जलाएं
शनि जयंती पर शनिदेव की विशेष कृपा पाने के लिए घर में बने मंदिर में शनिदेव को स्मरण करते हुए उनके नाम से सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनि संबंधी दोषों से मुक्ति मिलती है। 

मंदिर में हनुमान जी का दर्शन और दीपदान 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव तब ज्यादा प्रसन्न होते हैं जब हनुमान जी पूजा करें और उनके दर्शन करें। शनि जयंती पर अपने घर के पास बने किसी मंदिर जाकर हनुमान जी के दर्शन जरूर करें और उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस उपाय को करने से शनिदोष खत्म होता है और जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं। 

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