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Shaniwar Ke Upay: शनिवार को पीपल पूजन से शांत होते हैं शनि दोष, मिलती है त्रिदेवों की कृपा

Sat, 17 May 2025 11:23 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 17 May 2025 11:23 AM IST
सार

शनिवार को पीपल की पूजा करने से शनि की अशुभ दृष्टि से बचाव होता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है जिनकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो।
 

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shaniwar ke upay peepal tree importance in hindu religion worshiping peepal on saturday relief for shani dosh
पीपल के वृक्ष का महत्व - फोटो : freepik

विस्तार

भारतीय धार्मिक परंपराओं में वृक्षों को विशेष महत्व प्राप्त है। पीपल का वृक्ष इनमें सर्वोपरि माना गया है, जिसे ‘अश्वत्थ’ भी कहा जाता है। इसे देववृक्ष का स्थान प्राप्त है क्योंकि  इसमें त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ सभी तीर्थों,देवताओं एवं लक्ष्मीजी का वास भी होता है। इसीलिए पीपल की पूजा को अत्यंत शुभ, पुण्यदायी और मनोकामना पूर्ण करने वाला बताया गया है। विशेषकर शनिवार के दिन पीपल की पूजा करने से शनि दोष का निवारण होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
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शनिवार का दिन शनि देव का होता है। शनि ग्रह को न्यायप्रिय और कर्मों का फल देने वाला देवता माना जाता है। जिनकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष हो, उनके लिए शनिवार को पीपल की पूजा करना विशेष फलदायी होता है। यह पूजा न केवल शनि के दुष्प्रभाव को कम करती है, बल्कि त्रिदेवों की कृपा भी प्राप्त होती है।शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा जी की उपस्थिति पीपल की जड़ों में, विष्णु जी का निवास उसके तने में और भगवान शिव का वास उसकी शाखाओं और पत्तों में माना गया है। यही कारण है कि पीपल केवल एक वृक्ष नहीं बल्कि एक साक्षात दिव्य रूप में पूजनीय है।
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शनिवार को पीपल की पूजा करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं-

1. शनि दोष से मुक्ति:
शनिवार को पीपल की पूजा करने से शनि की अशुभ दृष्टि से बचाव होता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है जिनकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो।
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2. पापों का शमन:
पद्म पुराण के अनुसार पीपल की पूजा करने और उसकी परिक्रमा करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं। यह आत्मिक शुद्धि का माध्यम है।

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3. आर्थिक समस्याओं से राहत:
ऐसा माना जाता है कि शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।

4. स्वास्थ्य लाभ और मानसिक शांति:
पीपल के नीचे बैठकर ध्यान करने से मन शांत होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। पीपल की ऑक्सीजन देने की क्षमता भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

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5. पितृ दोष से मुक्ति:
शनिवार को पीपल पर जल अर्पित करने और दीपक जलाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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पूजा विधि-
शनिवार को प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पीपल को जल चढ़ाएं, उसमें गंगाजल या दूध मिला सकते हैं। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सात या 108 बार परिक्रमा करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” अथवा “ॐ श्री शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही काले तिल, गुड़ और जल से अर्घ्य देना भी शुभ माना गया है।


 
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