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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Sawan 2023 Rudrabhishek in Sawan Month to Get Rid of Kaal Sarp and Rahu Dosh

Sawan 2023: मनोकामना के अनुसार करें इस सावन शिवजी का रुद्राभिषेक, जानिए इसके लाभ और नियम

Tue, 25 Jul 2023 12:19 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Tue, 25 Jul 2023 12:19 PM IST
सार

रूद्र अवतार शिव का अभिषेक करके व्यक्ति सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।

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Sawan 2023 Rudrabhishek in Sawan Month to Get Rid of Kaal Sarp and Rahu Dosh
सावन सोमवार पूजा विधि

विस्तार

सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सावन के महीने को श्रेष्ठ माना गया है। इस महीने में पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक किया जाता है। रुद्राभिषेक का अर्थ है रूद्र का अभिषेक, यानि शिव जी का अभिषेक करना। शास्त्रों में लिखा है “रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र:” यानि कि शिव सभी दुखों को हरकर उनका नाश कर देते हैं। मान्यता है कि व्यक्ति की कुंडली में मौजूद ग्रहों की अशुभ स्थिति से छुटकारा पाने के लिए यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो उससे विशेष लाभ की प्राप्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। हिन्दू धार्मिक मान्यतों के अनुसार मात्र रूद्र अवतार शिव का अभिषेक करके व्यक्ति सभी देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। केवल रुद्राभिषेक के द्वारा शिव जी के साथ-साथ अन्य देवगणों की पूजा भी सिद्ध हो जाती है। रुद्राभिषेक के दौरान व्यक्ति अपनी विभिन्न कामनाओं की पूर्ति के लिए भिन्न प्रकार के द्रव्यों का प्रयोग करते हैं।  

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कामनानुसार करें रुद्राभिषेक

  1. यदि वर्षा चाहते हैं तो जल से शिव रुद्राभिषेक करें।
  2. रोग और दुःख से छुटकारा चाहते हैं तो कुशा जल से अभिषेक करना चाहिए।
  3. मकान, वाहन या पशु आदि की इच्छा है तो दही से अभिषेक करें।
  4. लक्ष्मी प्राप्ति और कर्ज से छुटकारा पाने के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करें।
  5. धन में वृद्धि के लिए जल में शहद डालकर अभिषेक करें।
  6. मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थ से लाये गये जल से अभिषेक करें।
  7. बीमारी को नष्ट करने के लिए जल में इत्र मिला कर अभिषेक करें।
  8. पुत्र प्राप्ति, रोग शांति तथा मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए गाय के दुग्ध से अभिषेक करें।
  9. ज्वर ठीक करने के लिए गंगाजल से अभिषेक करें।
  10. सद्बुद्धि और ज्ञानवर्धन के लिए दुग्ध में चीनी मिलाकर अभिषेक करें।
  11. वंश वृद्धि के लिए घी से अभिषेक करना चाहिए।
  12. शत्रु नाश के लिए सरसों के तेल से अभिषेक करें।
  13. पापों से मुक्ति चाहते हैं तो शुद्ध शहद से शिव रुद्राभिषेक करें।

रुद्राभिषेक से जुड़े नियम
शिवजी का वो मंदिर जो किसी नदी के तट पर स्थित हो या फिर किसी पर्वत के किनारे हो, वहां स्थित शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना बहुत अच्छा माना गया है। यदि ये संभव नहीं है तो रुद्राभिषेक के लिए सबसे उत्तम यही होता है कि आप किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। यदि आपके घर में ही शिवलिंग स्थापित है तो शिव जी का रुद्राभिषेक आप घर पर भी कर सकते हैं। रुद्राभिषेक यदि जल से कर रहे हैं तो उसके लिए तांबे के बर्तन का ही प्रयोग करें। दूध-दही से रुद्राभिषेक करने के लिए तांबे के पात्र का प्रयोग वर्जित माना गया है। भगवान शिव की पूजा में सात्विक रंगों के वस्त्र पहनें और पवित्रता का ध्यान रखें।

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