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Sarva Pitru Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या पर बन रहे हैं शुभ संयोग, जानें तर्पण का शुभ समय और महत्व

Wed, 10 Sep 2025 09:49 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 10 Sep 2025 09:49 AM IST
सार

Sarva Pitru Amavasya: 

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Sarva Pitru Amavasya 2025 Check Auspicious Yogas Tarpan Timings and Significance Explained
सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या 2025 - फोटो : Amar Ujala

Sarva Pitru Amavasya: सनातन धर्म में सर्व पितृ अमावस्या का खास महत्व होता है। यही वो दिन होता है जब पूरे पितृपक्ष में जिन पूर्वजों का श्राद्ध किसी कारणवश नहीं हो पाया हो, उनका तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करके उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। मान्यता है कि इस दिन पितृलोक से आए हुए सभी पितर अपने-अपने श्राद्ध की प्रतीक्षा करते हैं और इस दिन विधिपूर्वक किए गए कर्मों से तृप्त होकर वापस अपने लोक लौट जाते हैं।


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इस पावन दिन के बाद ही शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है, जो देवी उपासना का विशेष पर्व होता है। इस बार सर्व पितृ अमावस्या पर कुछ विशेष ज्योतिषीय योग भी बन रहे हैं, जो इसे और भी अधिक शुभ और फलदायक बना देते हैं। मान्यता है कि इन योगों में तर्पण और पिंडदान करने से तीन पीढ़ियों तक के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है और साथ ही, परिवार पर पितरों की कृपा बनी रहती है।
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Sarva Pitru Amavasya 2025 Check Auspicious Yogas Tarpan Timings and Significance Explained
सर्व पितृ अमावस्या इस बार 21 सितंबर की रात 12:16 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 1:23 बजे तक रहेगी। - फोटो : amar ujala

सर्व पितृ अमावस्या 2025 का शुभ मुहूर्त

सर्व पितृ अमावस्या इस बार 21 सितंबर की रात 12:16 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 1:23 बजे तक रहेगी। यह समय पितरों की याद में किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

 

Sarva Pitru Amavasya 2025 Check Auspicious Yogas Tarpan Timings and Significance Explained
सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक का समय तर्पण और कुतुप मूहूर्त के लिए बहुत शुभ है। - फोटो : Amar Ujala

तर्पण करने के लिए शुभ समय

  • सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक का समय तर्पण और कुतुप मूहूर्त के लिए बहुत शुभ है।
  • इसके बाद दोपहर 12:38 से 1:27 बजे तक का समय रौहिण मूहूर्त कहलाता है, जो भी तर्पण के लिए अच्छा माना जाता है।
  • फिर दोपहर 1:27 बजे से शाम 3:53 बजे तक का समय भी पिंडदान और तर्पण करने के लिए उपयुक्त है।
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Sarva Pitru Amavasya 2025 Check Auspicious Yogas Tarpan Timings and Significance Explained
शुभ योग में किए गए तर्पण से पितरों की कृपा बनी रहती है। - फोटो : Amar Ujala

शुभ और शुक्ल योग
इस दिन संध्या तक सायं 7:52 बजे तक शुभ योग रहेगा, जो पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए अत्यंत फलदायक होता है। इसके बाद शुक्ल योग का संयोग बनेगा। इस शुभ योग में किए गए तर्पण से पितरों की कृपा बनी रहती है।

 

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Sarva Pitru Amavasya 2025 Check Auspicious Yogas Tarpan Timings and Significance Explained
पितरों को तर्पण करने से व्यक्ति को हर प्रकार के शुभ कार्यों में सफलता मिलती है - फोटो : Amar Ujala

सर्वार्थ सिद्धि योग
प्रातः 9:32 बजे से शुरू होने वाला यह योग पूरे दिन और रात भर बना रहेगा। इस योग में पितरों को तर्पण करने से व्यक्ति को हर प्रकार के शुभ कार्यों में सफलता मिलती है और पितृ कृपा बनी रहती है।

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