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आर्थिक दिक्कतों से भी छुटकारा दिलाएगा संकष्टी चतुर्थी व्रत
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
Updated Mon, 04 Feb 2013 01:35 PM IST
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इस वर्ष संकष्टी चतुर्थी बुधवार 30 जनवरी को है। शास्त्रों में माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा गया है। चतुर्थी तिथि को भगवान श्री गणेश जी की पूजा का विधान है। गणेश जी विघ्न और संकट को दूर करने वाले हैं। इसलिए इस चतुर्थी को संकटहरी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस चतुर्थी के दिन गणेश जी को तिल का प्रसाद अर्पित करके पूजा करने का विधान है इसलिए इसे तिल चतुर्थी भी कहा जाता है।
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गणेश जी को भगवान शिव से वरदान प्राप्त है कि जो व्यक्ति संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखकर गणेश जी की पूजा करेगा और शाम में चन्द्रोदय के बाद शिव सहित गणेश जी की पूजा करेगा उसके सारे संकट दूर हो जाएंगे। मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के व्रत से शारीरिक कष्ट एवं मानसिक परेशानियों में कमी आती है। यह व्रत आर्थिक समस्याओं को भी दूर करने वाला कहा गया है।
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बुधवार के स्वामी भगवान श्री गणेश माने जाते हैं। बुधवार के दिन संकष्टी चतुर्थी पड़ने से इस वर्ष संकष्टी चतुर्थी का महत्व बढ़ गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि के लिए बुध के स्वामी गणेश जी की पूजा करने से लाभ मिलता है।
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गणेश जी को बुधवार के दिन दुर्वा अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों में कमी आती है। बुद्धि का विकास होता है एवं व्यापार में वृद्धि होती है। बुधवार के दिन संकष्टी चतुर्थी पड़ने से जिन लोगों की कुण्डली में बुध की स्थिति अच्छी नहीं है उन्हें विशेष रूप से इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए और दुर्वा अर्पित करके गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।