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रूप चतुर्दशी पर सौदर्य वृद्घि के साथ ग्रहों को अनुकूल बनाएं
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
Updated Sat, 10 Nov 2012 03:47 PM IST
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कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को रूप चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन प्रातः उठकर औषधि स्नान करना चाहिए। इसके पश्चात महिलाओं को सोलह श्रृंगार करके मां लक्ष्मी और विष्णु सहित धनवंतरी भगवान की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से माता प्रसन्न होती हैं और धनवंतरी आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं। इससे रूप में वृद्घि होती है। पुरूषों को भी इस दिन सजना संवरना चाहिए।
रूप चतुदर्शी के दिन औषधी स्नान में अपनी राशि के अनुसार जल में सामग्री मिलाकर स्नान करें तो रूप सौन्दर्य में वृद्घि के साथ ग्रहों को भी अनुकूल बनाकर उनसे शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
मेष और वृश्चिक राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी मंगल हैं। इस राशि वाले व्यक्तियों को मंगल को प्रसन्न करना चाहिए। इसके लिए जल में लाल चंदन, लाल फूल, बेल के वृक्ष की छाल या पत्ते मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद लाल चंदन लगाएं और लाल वस्त्र पहनें।
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वृष और तुला राशि
शुक्र को ऐश्वर्य और वैभव का स्वामी माना गया है जिनके अधीन वृष और तुला राशि है। जिन लोगों की यह राशि है उन्हें दीपावली के दिन शुक्रदेव को प्रसन्न करना चाहिए। शुक्र को खुश करने के लिए सुगंधित पदार्थों से स्नान करें। पानी में इलांयची, केसर, चमेली के फूल मिलाकर स्नान करना उत्तम रहेगा। अगर ये सभी वस्तु उपलब्ध नहीं हों तो जल में अरोमैटिक ऑयल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के बाद सफेद चंदन में सिंदूर मिलाकर लगाएं और स्वेत वस्त्र धारण करें।
मिथुन और कन्या राशि
मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। बुध को बुद्घि का स्वामी माना गया है। बुद्घि से ही व्यक्ति धनवान बनता है और बुद्घि से ही गरीब। इस राशि में जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है उसे दीपावली के दिन अपने राशि स्वामी को खुश करना चाहिए। इसके लिए प्रातः पानी में हरी घास, अमरूद, शहद, मोती और सोना डालकर स्नान करें। स्नान के समय ॐ ओम ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः मंत्र का जप करें। स्नान करने के बाद दही से तिलक करें और हरा वस्त्र या इससे मिलते जुलते शेड का वस्त्र धारण करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। चन्द्रमा मन का कारक ग्रह है। जिस व्यक्ति का जन्म कर्क राशि में हुआ है उसे दीपावली के दिन पानी में सफेद फूल, शंख, कौड़ी, सफेद चंदन एवं मोती डालकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद सफेद चंदन से तिलक करके सफेद वस्त्र धारण करें।
सिंह राशि
सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी है। इन्हें नवग्रहों का राजा माना गया है। इस राशि में जिनका जन्म हुआ है उन्हें सूर्य देव को खुश करना चाहिए। इसके लिए पानी में लाल फूल, मुलैठी, लाल चंदन, केसर और इलांयची मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद लाल चंदन और दही मिलाकर तिलक करें और नारंगी अथवा लाल शेड के वस्त्र धारण करें।
धनु और मीन राशि
इस राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। यह नवग्रहों के गुरू हैं और धन के कारक माने जाते हैं। जिन व्यक्तियों का जन्म इस राशि में हुआ है उन्हें दीपावली के दिन अपने राशि स्वामी गुरू को खुश करना चाहिए। गुरू की प्रसन्नता के लिए जल में कनेर के पीले फूल, पीला चंदन, शहद, मुलैठी मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद केसर का तिलक लगाएं। इस दिन पीला वस्त्र धारण करें और घर के बड़ों के चरण स्पर्श करें।
मकर और कुम्भ राशि
शनि देव इस राशि के स्वामी हैं। शनि को भाग्य बनाने वाला ग्रह कहते हैं यह चाहे तो व्यक्ति को मालामाल बनदें चाहें तो कंगाल। इसलिए दीपावली के मौके पर अपने राशि स्वामी शनिदेव को खुश कीजिए। इनकी खुशी के लिए जल में काला तिल, पिसा हुआ सौंफ, शमी के पत्ते, नीला फूल मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद घी से तिलक करें और नीला वस्त्र धारण करें।
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रूप चतुदर्शी के दिन औषधी स्नान में अपनी राशि के अनुसार जल में सामग्री मिलाकर स्नान करें तो रूप सौन्दर्य में वृद्घि के साथ ग्रहों को भी अनुकूल बनाकर उनसे शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
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मेष और वृश्चिक राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी मंगल हैं। इस राशि वाले व्यक्तियों को मंगल को प्रसन्न करना चाहिए। इसके लिए जल में लाल चंदन, लाल फूल, बेल के वृक्ष की छाल या पत्ते मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद लाल चंदन लगाएं और लाल वस्त्र पहनें।
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वृष और तुला राशि
शुक्र को ऐश्वर्य और वैभव का स्वामी माना गया है जिनके अधीन वृष और तुला राशि है। जिन लोगों की यह राशि है उन्हें दीपावली के दिन शुक्रदेव को प्रसन्न करना चाहिए। शुक्र को खुश करने के लिए सुगंधित पदार्थों से स्नान करें। पानी में इलांयची, केसर, चमेली के फूल मिलाकर स्नान करना उत्तम रहेगा। अगर ये सभी वस्तु उपलब्ध नहीं हों तो जल में अरोमैटिक ऑयल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के बाद सफेद चंदन में सिंदूर मिलाकर लगाएं और स्वेत वस्त्र धारण करें।
मिथुन और कन्या राशि
मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। बुध को बुद्घि का स्वामी माना गया है। बुद्घि से ही व्यक्ति धनवान बनता है और बुद्घि से ही गरीब। इस राशि में जिस व्यक्ति का जन्म हुआ है उसे दीपावली के दिन अपने राशि स्वामी को खुश करना चाहिए। इसके लिए प्रातः पानी में हरी घास, अमरूद, शहद, मोती और सोना डालकर स्नान करें। स्नान के समय ॐ ओम ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः मंत्र का जप करें। स्नान करने के बाद दही से तिलक करें और हरा वस्त्र या इससे मिलते जुलते शेड का वस्त्र धारण करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। चन्द्रमा मन का कारक ग्रह है। जिस व्यक्ति का जन्म कर्क राशि में हुआ है उसे दीपावली के दिन पानी में सफेद फूल, शंख, कौड़ी, सफेद चंदन एवं मोती डालकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद सफेद चंदन से तिलक करके सफेद वस्त्र धारण करें।
सिंह राशि
सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी है। इन्हें नवग्रहों का राजा माना गया है। इस राशि में जिनका जन्म हुआ है उन्हें सूर्य देव को खुश करना चाहिए। इसके लिए पानी में लाल फूल, मुलैठी, लाल चंदन, केसर और इलांयची मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद लाल चंदन और दही मिलाकर तिलक करें और नारंगी अथवा लाल शेड के वस्त्र धारण करें।
धनु और मीन राशि
इस राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। यह नवग्रहों के गुरू हैं और धन के कारक माने जाते हैं। जिन व्यक्तियों का जन्म इस राशि में हुआ है उन्हें दीपावली के दिन अपने राशि स्वामी गुरू को खुश करना चाहिए। गुरू की प्रसन्नता के लिए जल में कनेर के पीले फूल, पीला चंदन, शहद, मुलैठी मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद केसर का तिलक लगाएं। इस दिन पीला वस्त्र धारण करें और घर के बड़ों के चरण स्पर्श करें।
मकर और कुम्भ राशि
शनि देव इस राशि के स्वामी हैं। शनि को भाग्य बनाने वाला ग्रह कहते हैं यह चाहे तो व्यक्ति को मालामाल बनदें चाहें तो कंगाल। इसलिए दीपावली के मौके पर अपने राशि स्वामी शनिदेव को खुश कीजिए। इनकी खुशी के लिए जल में काला तिल, पिसा हुआ सौंफ, शमी के पत्ते, नीला फूल मिलाकर स्नान करें। स्नान करने के बाद घी से तिलक करें और नीला वस्त्र धारण करें।