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माथे पर तिलक क्यों लगाया जाता है? जानिए इसका धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
Mon, 28 Aug 2023 02:40 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 28 Aug 2023 02:40 PM IST
सार
भारतीय परंपरा के अनुसार तिलक लगाना सम्मान का सूचक भी माना जाता है। माना जाता है कि माथे पर तिलक लगाने से सकारात्मकता आती है और कुंडली में मौजूद उग्र ग्रह शांत होते हैं।
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तिलक हिन्दू संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। देवी-देवताओं, योगियों और संत-महात्माओं के मस्तक पर तो हमेशा तिलक सुशोभित रहता है
विस्तार
कोई भी त्योहार या धार्मिक आयोजन बिना तिलक के पूर्ण नहीं माना जाता है,क्योंकि यह हिन्दू संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। देवी-देवताओं, योगियों और संत-महात्माओं के मस्तक पर तो हमेशा तिलक सुशोभित रहता है,लेकिन आम लोगों में त्योहार,पूजा-पाठ और संस्कारों जैसे शुभ अवसरों पर ही तिलक लगाने का प्रचलन है।
तिलक लगाने का धार्मिक महत्व
भारतीय परंपरा के अनुसार तिलक लगाना सम्मान का सूचक भी माना जाता है। माना जाता है कि माथे पर तिलक लगाने से सकारात्मकता आती है और कुंडली में मौजूद उग्र ग्रह शांत होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक चंदन का तिलक लगाने वाले का घर अन्न-धन से भरा रहता है और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। तिलक लगाने से जीवन में यश बढ़ता है और पापों का नाश होता है। साथ ही, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शरीर में सकारात्मकता का भाव बना रहता है। इससे मन में अच्छे विचार आते हैं और किसी भी काम को करने की क्षमता को हम कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।
किस उंगली से तिलक लगाने का क्या फल
स्कंदपुराण में बताया गया है कि अलग-अलग अंगुली से तिलक लगाने का फल अलग-अलग होता है -
अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्।
अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।।
अर्थात- अनामिका से तिलक करने पर शांति,मध्यमा से आयु,अंगूठे से स्वास्थ्य और तर्जनी से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Weekly Horoscope (28 Aug -03 Sept): यह सप्ताह सभी के लिए कैसा रहेगा, पढ़ें 12 राशियों का साप्ताहिक राशिफल
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दिन के अनुसार तिलक
दिन के अनुसार तिलक लगाने पर शुभ फल मिलता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन सफेद चंदन का तिलक लगाने से मन शांत रहता है। वहीं मंगलवार के दिन चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर लगाना शुभ होता है। बुधवार के दिन सूखा सिंदूर लगाने से भगवान की कृपा होती है। गुरुवार के दिन पीला चंदन या हल्दी का तिलक लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। शुक्रवार के दिन लाल चंदन या कुमकुम का तिलक लगाने से घर में खुशहाली आती है। शनिवार के दिन भस्म का तिलक लगाने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। रविवार के दिन लाल चंदन लगाने से व्यक्ति को मान-सम्मान और धन की प्राप्ति होती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
हमारी दोनों भोहों के बीच सुषुम्ना,इड़ा और पिंगला नाड़ियों के ज्ञानतंतुओं का केंद्र मस्तिष्क ही है,जो दिव्य नेत्र या तृतीय नेत्र के समान माना जाता है।इस स्थान पर तिलक लगाने से आज्ञाचक्र जागृत होकर व्यक्ति की शक्ति को उर्ध्वगामी बनाता है,जिससे उसका ओज और तेज बढ़ता है।ललाट पर नियमित रूप से तिलक लगते रहने से शीतलता,तरावट एवं शांति का अनुभव होता है। सिर दर्द की पीड़ा नहीं सताती और मेधाशक्ति तेज होती है। मन निर्मल होकर हमें सत्पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करता है। तिलक लगाने से विवेकशीलता और आत्मविश्वास बना रहता है।
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तिलक लगाने का धार्मिक महत्व
भारतीय परंपरा के अनुसार तिलक लगाना सम्मान का सूचक भी माना जाता है। माना जाता है कि माथे पर तिलक लगाने से सकारात्मकता आती है और कुंडली में मौजूद उग्र ग्रह शांत होते हैं। शास्त्रों के मुताबिक चंदन का तिलक लगाने वाले का घर अन्न-धन से भरा रहता है और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। तिलक लगाने से जीवन में यश बढ़ता है और पापों का नाश होता है। साथ ही, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शरीर में सकारात्मकता का भाव बना रहता है। इससे मन में अच्छे विचार आते हैं और किसी भी काम को करने की क्षमता को हम कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।
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किस उंगली से तिलक लगाने का क्या फल
स्कंदपुराण में बताया गया है कि अलग-अलग अंगुली से तिलक लगाने का फल अलग-अलग होता है -
अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्।
अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।।
अर्थात- अनामिका से तिलक करने पर शांति,मध्यमा से आयु,अंगूठे से स्वास्थ्य और तर्जनी से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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दिन के अनुसार तिलक
दिन के अनुसार तिलक लगाने पर शुभ फल मिलता है। मान्यता है कि सोमवार के दिन सफेद चंदन का तिलक लगाने से मन शांत रहता है। वहीं मंगलवार के दिन चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर लगाना शुभ होता है। बुधवार के दिन सूखा सिंदूर लगाने से भगवान की कृपा होती है। गुरुवार के दिन पीला चंदन या हल्दी का तिलक लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। शुक्रवार के दिन लाल चंदन या कुमकुम का तिलक लगाने से घर में खुशहाली आती है। शनिवार के दिन भस्म का तिलक लगाने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं। रविवार के दिन लाल चंदन लगाने से व्यक्ति को मान-सम्मान और धन की प्राप्ति होती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
हमारी दोनों भोहों के बीच सुषुम्ना,इड़ा और पिंगला नाड़ियों के ज्ञानतंतुओं का केंद्र मस्तिष्क ही है,जो दिव्य नेत्र या तृतीय नेत्र के समान माना जाता है।इस स्थान पर तिलक लगाने से आज्ञाचक्र जागृत होकर व्यक्ति की शक्ति को उर्ध्वगामी बनाता है,जिससे उसका ओज और तेज बढ़ता है।ललाट पर नियमित रूप से तिलक लगते रहने से शीतलता,तरावट एवं शांति का अनुभव होता है। सिर दर्द की पीड़ा नहीं सताती और मेधाशक्ति तेज होती है। मन निर्मल होकर हमें सत्पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करता है। तिलक लगाने से विवेकशीलता और आत्मविश्वास बना रहता है।
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