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पति-पत्नी का त्योहार रक्षाबंधन
राकेश/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 20 Aug 2013 01:46 PM IST
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रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई में राखी बांधती हैं और लंबी उम्र की दुआ मांगती है। लेकिन जिनके लिए बहन से राखी बंधवाना मुश्किल हो वह पत्नी से राखी बंधवा सकते हैं। ऐसा करना धर्म संगत भी है क्योंकि राखी भाई-बहनों के साथ ही पति-पत्नी के प्रेम का भी त्योहार है। भविष्य पुराण में इस संदर्भ में एक एक कथा का उल्लेख किया गया है।
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कथा के अनुसार एक बार दानवों ने देवताओं पर आक्रमण कर दिया। देवताओं की सेना दानवों से पराजित होने लगी। देवराज इंद्र की पत्नी देवताओं की लगातार हो रही हार से घबरा गयी और इंद्र के प्राणों रक्षा के उपाय सोचने लगी। काफी सोच-विचार करने के बाद शचि ने तप करना शुरू किया। इससे एक रक्षासूत्र प्राप्त हुआ।
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शचि ने इस रक्षासूत्र को इंद्र की कलाई पर बांध दिया। इससे देवताओं की शक्ति बढ़ गयी और दानवों पर विजय पाने में सफल हुए। श्रावण पूर्णिमा के दिन शचि ने इंद्र को रक्षासूत्र बांधा था। इसलिए इस दिन से रक्षा बंधन का त्योहार बनाया जाने लगा।
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भविष्य पुराण के अनुसार यह जरूरी नहीं कि भाई-बहन अथवा पति-पति रक्षा बंधन मिलकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं। आप जिसकी भी रक्षा एवं उन्नति की इच्छा रखते हैं उसे रक्षा सूत्र यानी राखी बांध सकते हैं।