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लड़कियों के साथ करेंगे गलत काम तो यमलोक में मिलेगी ऐसी सजा

Fri, 27 Sep 2013 11:04 AM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Fri, 27 Sep 2013 11:04 AM IST
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punishment in yamlok according to garur puran

अबतक आप यमराज के दरबार और विभिन्न प्रकार के नर्क के बारे में आप पढ़ चुके हैं। आज के अंक में पढ़िए किस कर्म के लिए किस नर्क में जाना पड़ता है और कौन सी सजा मिलती है। अगर इन बातों को याद रखेंगे तो नर्क की यातनाओं से बचेंगे और स्वर्ग का सुख भोगकर वापस पृथ्वी पर आकर वैभव पूर्ण जीवन का आनंद लेंगे।

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गरूड़ द्वारा यह पूछे जाने पर कि हे भगवन मनुष्य को किस कर्म के कारण भयानक नर्क में जाकर कष्ट  भोगना पड़ता है। भगवान विष्णु कहते हैं कि जो व्यक्ति जीवन काल में प्राणियों के प्रति दया भाव नहीं रखता, कपट से धन संचित करता है और मित्रों से विश्वासघात करता है उसे नर्क में जाना पड़ता है।
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मनुष्य को कभी किसी के विवाह में बाधक नहीं बनना चाहिए। जो व्यक्ति तीर्थयात्रा में बाधा डालता है और तीर्थयात्रियों को लूटता है उसे नर्क से कभी मुक्ति नहीं मिलती है। ऐसे पापी व्यक्ति की आत्मा को एक के बाद एक नर्क में जाकर दु:ख भोगना पड़ता है।

जो व्यक्ति जीवन काल में द्वेष भावना से अथवा किसी अन्य कारण से किसी के घर में आग लगा देते हैं, गांव में अथवा वन में अग्नि लगा देते हैं उन्हें यमदूत अग्निकुंड में डालकर पकाते हैं। जब प्रेत छाया और दया की भीख मांगता है तब यमदूत उसे असिपत्र वन में ले जाकर छोड़ देते हैं।

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असिपत्र वन में तलवार के समान पत्तों वाले पेड़ हैं जिसके गिरने से प्रेत के अंग कटने लगते हैं। प्रेत पीने के जल मांगता है तो उसे यमदूत खौलता हुआ पानी देते हैं। इस प्रकार कष्ट प्राप्त करते हुए ऐसे व्यक्ति के प्रेत को प्रलय काल तक नर्क में रहना पड़ता है फिर वृक्ष, पशु, पक्षी, मछली, कृमि जैसे नीच योनियों में जन्म लेकर कष्ट भोगना पड़ता है।

जो स्त्री पुरूष अधिक भोग-विषय वासना में डूबे रहते हैं। खास तौर पर जब मासिकधर्म के समय जो स्त्री पुरूष संसर्ग करते हैं तामिस्र, अंधतामिस्र और रौरव नर्क में जाना पड़ता है। स्त्रियों को विश्वास में लेकर उनके धन अर्थात मान का हरण करता है उसे भयंकर नर्क में जाकर घोर यतनाओं को सहना पड़ता है।

गुरू के धन को चुराने वाला, उधार लेकर नहीं चुकाने वाला, दूसरों के अवगुणों का मजाक उड़ाने वाला और गुणों की प्रशंसा नहीं करने वाले को भी घोर नर्क में जाना पड़ता है। पतिव्रता स्त्री को छोड़कर दूसरी स्त्री के साथ रमण करने वाले को वैतरणी नदी में सदा निवास करना पड़ता है।

अगले अंक में जानिए नर्क से आए हुए व्यक्ति की पहचान क्या है

विभिन्न पापों का क्या फल होता है विस्तार से जानना चाहते हैं तो हमें लिखें

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