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Pradosh Vrat 2020: प्रदोष व्रत आज, इस पूजा विधि से पाएं भोलेनाथ का आशीर्वाद

Wed, 03 Jun 2020 07:21 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 03 Jun 2020 07:21 AM IST
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Pradosh Vrat 2020 know Puja vidhi and its relgious significance
प्रदोष व्रत की विधि - फोटो : सोशल मीडिया

प्रदोष व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है। यह व्रत प्रति माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। एक शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी में और दूसरा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी में। आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है इसलिए आज प्रदोष व्रत है। दिन के अनुसार ही इस व्रत को नाम दिया जाता है। यानि आज बुधवार है इसलिए आज बुध प्रदोष व्रत है। इस दिन को आने वाले प्रदोष को सौम्यवारा प्रदोष भी कहा जाता है। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत की व्रत विधि और इस व्रत का धार्मिक महत्व क्या है। 

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प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

जिस प्रकार प्रति माह में दो एकादशी तिथि होती हैं उसी तरह दो त्रयोदशी तिथियां भी होती हैं। त्रयोदशी तिथि को प्रदोष कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि भगवान शिव प्रदोषकाल में कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। इसलिए इस दिन भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है। उनकी पूजा से भक्तों को उनका आशीर्वाद मिलता है। भक्तों की सभी मनोकामनाओं भी पूर्ण होती हैं। 

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प्रदोष व्रत विधि

व्रत रखने वाले को सुबह जल्दी उठकर शौचादि से निवृत्त होकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद इस व्रत को करने का संकल्प लेना चाहिए। अब स्वच्छ वस्त्र धारण करके भगवान शिव की प्रतिमा को गंगा जल से अभिषेक करना चाहिए। इसके बाद उनकी पूजा करें। शिव आराधना में शिवजी को पुष्प अक्षत्, बेल पत्र, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, गाय का दूध, धूप आदि अर्पित करें। पूजा के समय ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इस दौरान शिव चालीसा का पाठ भी करें और अंत में शिव आरती करके अपनी पूजा को समाप्त करें। भगवान शिव को अपनी इच्छानुसार भोग लगाएं अंत में पूजा का प्रसाद सभी में बांट दें।

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प्रदोष व्रत पूजा समय 
धार्मिक मान्यता है कि (सूर्योदय और सूर्यास्त का समय) का पूजा के लिए शुभ माना जाता है। हालांकि ऐसा भी कहा जाता है कि प्रदोष व्रत में शाम की पूजा का विशेष महत्व होता है।  

उपवास में इन चीजों का करें सेवन
मान्यता के अनुसार प्रदोष काल में उपवास में सिर्फ हरे मूंग का सेवन करना चाहिए, क्योंकि हरा मूंग पृथ्वी तत्व है और मंदाग्नि को शांत रखता है।

प्रदोष व्रत के लाभ 
मनोकामना पूर्ति के लिए प्रदोष व्रत बेहद ही शुभ होता है। आस्था के अनुसार जो व्यक्ति प्रदोष व्रत को सच्चे मन से करता है भगवान शिव उस व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण करते हैं। इसके साथ ही इस व्रत का फल व्यक्ति को तमाम कष्टों और दुखों से मुक्त करता है।
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