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Paush Month: आज से पौष माह प्रारंभ, जान लें इस माह के नियम
Thu, 31 Dec 2020 07:34 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Thu, 31 Dec 2020 07:34 AM IST
सार
- पौष मास 31 दिसंबर 2020 से प्रारंभ हुआ है।
- यह महीना 28 जनवरी 2021 को समाप्त होगा।
- इस महीने सूर्य देव की उपासना का महत्व है।
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पौष माह 2020
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पौष माह 31 दिसंबर 2020 से शुरू हो रहा है जो 28 जनवरी 2021 को समाप्त होगा। हिन्दू पंचाग के अनुसार हर महीने का अपना एक विशेष महत्व होता है। प्रत्येक माह किसी न किसी देवी- देवता के लिए समर्पित होता है और उस माह में उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पौष मास में सूर्य देव की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है।
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शास्त्रों के अनुसार रविवार का दिन विशेष तौर पर सूर्य देव को समर्पित है। धार्मिक पुराणों में सूर्य को प्रधान देवता माना गया है। मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हर महीने सूर्यदेव की विशिष्ट रूप की पूजा का विधान बताया गया है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पौष के महीने में भग नामक सूर्य की उपासना होती है। अथर्ववेद और सूर्योपनिषद में सूर्य देव को परब्रह्म माना गया है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव का वर्ण रक्त के समान है।
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सूर्य देव की करें आराधना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य को प्रतिदिन स्नान करने के बाद अर्घ्य देना चाहिए। प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होकर आयु, आरोग्य, धन, धान्य, पुत्र, मित्र, तेज, यश, विद्या, वैभव और सौभाग्य का वरदान देते हैं। आप संध्या के समय भी सूर्यनारायण भगवान को अर्घ्य दे सकते हैं। सूर्य देव के मंत्र का जाप करना भी बड़ा ही लाभकारी होता है। सूर्य मंत्र-
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ॐ श्री सूर्य देवाय नमः
पौष माह के नियम
पौष माह में अगर व्रत रख सकते हैं तो इस महीने में रविवार के दिन व्रत रखना चाहिए और खाने में नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। सिर्फ फलाहार ही करना चाहिए। रविवार के व्रत के दिन सूर्य को तिल-चावल की खिचड़ी का भोग लगाएं, ऐसा करने से व्यक्ति तेजस्वी बनता है।