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Nag Panchami 2021 Date: कब है नाग पंचमी, जानें तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Wed, 28 Jul 2021 06:43 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Wed, 28 Jul 2021 06:43 AM IST
सार
- नाग पंचमी पर्व 13 अगस्त को मनाया जाएगा।
- हर साल सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है।
- इस दिन विधि-विधान से नाग देवता की आराधना की जाती है।
- नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से कुंडली में कालसर्प दोष दूर होता है।
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नाग पंचमी 2021
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Nag Panchami 2021 Date: सनातन संस्कृति में नाग को पूजनीय माना गया है। हर साल श्रावण माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। यह दिन पूर्ण रूप से नाग देवता को समर्पित है। इस दिन नाग देवता के लिए व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा की जाती है। भोलेनाथ के गले में भी नाग देवता वासुकि लिपटें रहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और कई अन्य प्रकार के भी शुभफल प्राप्त होते हैं।
नाग पंचमी का मुहूर्त (Nag Panchami Muhurat 2021)
पंचमी तिथि 12 अगस्त 2021 को दोपहर 03:24 मिनट से प्रारंभ हो कर 13 अगस्त 2021 की दोपहर 01:42 बजे तक रहेगी। नाग पंचमी का पूजा मुहूर्त 13 अगस्त को सुबह 05:49 बजे से लेकर सुबह 08:28 बजे तक रहेगा।
नाग पंचमी की पूजा विधि
नाग पंचमी मंत्र
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिता:॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नम:॥
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषत:।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
नाग पंचमी का महत्व
धन-समृद्धि पाने के लिए भी नाग देवताओं की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि नाग देवता, धन की देवी मां लक्ष्मी की रक्षा करते हैं। इस दिन श्रीया, नाग और ब्रह्म अर्थात शिवलिंग स्वरुप की आराधना से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। जिस व्यक्ति कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उसे इस दोष से बचने के लिए नाग पंचमी का व्रत अवश्य करना चाहिए। यदि आपको अक्सर सपने में सांप दिखाई देता है या फिर आपको सांप से अधिक डर लगता है तो आपको विधि-विधान से सांप की पूजा करनी चाहिए। विशेष रूप से नागपंचमी के दिन जरूर नाग की पूजा करें। इससे सांपों को लेकर आपका भय दूर हो जाएगा।
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नाग पंचमी का मुहूर्त (Nag Panchami Muhurat 2021)
पंचमी तिथि 12 अगस्त 2021 को दोपहर 03:24 मिनट से प्रारंभ हो कर 13 अगस्त 2021 की दोपहर 01:42 बजे तक रहेगी। नाग पंचमी का पूजा मुहूर्त 13 अगस्त को सुबह 05:49 बजे से लेकर सुबह 08:28 बजे तक रहेगा।
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नाग पंचमी की पूजा विधि
- नाग पंचमी व्रत के लिए तैयारी चतुर्थी के दिन से ही शुरू हो जाती हैं।
- चतुर्थी के दिन एक समय भोजन करें।
- इसके बाद पंचमी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- पूजा के लिए नागदेव का चित्र चौकी के ऊपर रखें।
- फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें।
- कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर लकड़ी के पट्टे पर बैठे सर्प देवता को अर्पित करें।
- पूजा के बाद सर्प देवता की आरती उतारी उतारें।
- अंत में नाग पंचमी की कथा अवश्य सुनें।
नाग पंचमी मंत्र
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिता:॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नम:॥
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषत:।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
नाग पंचमी का महत्व
धन-समृद्धि पाने के लिए भी नाग देवताओं की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि नाग देवता, धन की देवी मां लक्ष्मी की रक्षा करते हैं। इस दिन श्रीया, नाग और ब्रह्म अर्थात शिवलिंग स्वरुप की आराधना से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। जिस व्यक्ति कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उसे इस दोष से बचने के लिए नाग पंचमी का व्रत अवश्य करना चाहिए। यदि आपको अक्सर सपने में सांप दिखाई देता है या फिर आपको सांप से अधिक डर लगता है तो आपको विधि-विधान से सांप की पूजा करनी चाहिए। विशेष रूप से नागपंचमी के दिन जरूर नाग की पूजा करें। इससे सांपों को लेकर आपका भय दूर हो जाएगा।
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