फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   mythological story bhakti

ऐसी भक्ति जगी, शरीर पर उग आए शंख चक्र के निशान

Thu, 23 Jan 2014 07:45 AM IST
टीम डिजिटल
टीम डिजिटल Updated Thu, 23 Jan 2014 07:45 AM IST
विज्ञापन
mythological story bhakti

कहते हैं भक्ति सच्ची हो तो ईश्वर को भक्त के सामने आना ही पड़ता है और ईश्वर के जिसे दर्शन हो जाएं उसे कुछ न कुछ देकर ही जाते हैं। यह एक ऐसे ही भक्त की कथा है जिसे भगवान श्री कृष्ण ने दर्शन दिए और जाते-जाते छोड़ गए शरीर पर शंख और चक्र के निशान।

विज्ञापन


यह कथा है आमेर नरेश श्री पृथ्वीराज जी स्वामी की। एक बार इनके गुरु पयोहारी जी द्वारिका जी यात्रा पर जाने लगे तो पृथ्वीराज भी द्वारिका जाने की तैयारी करने लगे। इन्होंने कहा कि द्वारिका जाकर शरीर पर शंख चक्र बनवाउंगा।
विज्ञापन


गुरु पयोहारी जी ने कहा कि अगर तुम राज्य छोड़कर चले जाओगे तो राज्य में अव्यवस्था फैल जाएगी। धर्म-कर्म से लोगों का ध्यान हट जाएगा। इसलिए आमेर में रहकर ही कृष्ण की भक्ति करो।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुरु की बात मानकर श्रीपृथ्वीराज जी आमेर में ही रह गए लेकिन इनका ध्यान द्वारकाधीश में ही लगा रहा। रात में जब यह सोए हुए थे तब इन्हें लगा कि अचानक तेज प्रकाश फैल गया है और भगवान श्री द्वारकाधीश स्वयं प्रकट हो गए हैं।

राजा श्रीपृथ्वीराज जी ने द्वारकाधीश जी की परिक्रमा की और प्रणाम किया। भगवन ने कहा कि तुम अब गोमती संगम में डूबकी लगाओ। राजा को लगा कि वह गोमती तट पर पहुंच गए हैं और गोमती में डूबकी लगा रहे हैं।

सुबह जब राजा महल से बाहर नहीं निकले तो रानी उनके शयन कक्ष में पहुंची। रानी ने देखा राजा सोए हुए हैं और उनका पूरा शरीर भींगा हुआ है जैसे स्नान करके आए हों। रानी ने देखा कि राजा के बाजू पर शंख और चक्र के निशान उभर आए हैं।


राजा की नींद खुली तो वह भी इस चमत्कार को देखकर हैरान थे। उन्हें लगा कि भगवान स्वयं उनकी इच्छा पूरी करने के लिए आए थे। इसके बाद राजा पूरी तरह से कृष्ण भक्ति में लीन हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed