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मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का प्रयोग क्यों?
राकेश/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 13 Jul 2013 09:12 AM IST
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आम का मौसम अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। कुछ दिनों बाद हो सकता है आप बाजार में आम देखें भी नहीं लेकिन आम के पत्ते आपको साल भर बाजार में फूल माला बेचने वालों के पास दिख जाएंगे।
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दरअसल आम के पत्ते मांगलिक कार्य के दौरान बड़े ही शुभ माने जाते हैं। इसके बिना कोई भी शुभ कार्य पूरा नहीं होता है चाहे गृह प्रवेश हो, विवाह अथवा पूजन। गृह प्रवेश एवं हवन के मौके पर तो आम के पत्तों का तोरण भी लगाया जाता है।
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इसका धार्मिक कारण होने के साथ ही वैज्ञानिक आधार भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार आम हनुमान जी का प्रिय फल है। इसलिए जहां भी आम और आम का पत्ता होता है वहां हनुमान जी की विशेष कृपा बनी रहती है। इसलिए बुरी शक्तियां एवं नकारात्मक ऊर्जा शुभ कार्य में बाधा नहीं डाल पाती हैं। आम के पत्तों का शुभ कार्य में प्रयोग का कारण यह भी है कि मनुष्य का प्रकृति से साथ संबंध बना रहे।
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यह घटना नहीं होती तो आम विदेशों से आता
दूसरी तरफ वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार आम का पत्ता गुणों की खान है। इसके पत्तों में डायबिटीज को दूर करने की क्षमता है। कैंसर और पाचन से संबंधित रोग में भी आम का पत्ता गुणकारी होता है। यानी स्वास्थ्य की दृष्टि से आम का पत्ता लाभदायक होता है।
आमतौर जब आप किसी उत्सव अथवा पूजा-पाठ का आयोजन करते हैं तब चिंता और तनाव बढ़ जाता है कि काम सफलतापूर्वक पूरा हो पाएगा या नहीं। आम के पत्तों में मौजूद विभिन्न तत्व चिंता और तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं। इसलिए भी मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का प्रयोग किया जाता है।