{"_id":"6232cbedafc2651963260ccaed3316c4","slug":"makar-sankranti-importance-of-til","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकर संक्रांति में तिल का विशेष महत्व आखिर क्यों? ","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
मकर संक्रांति में तिल का विशेष महत्व आखिर क्यों?
सविता शर्मा `संयम' / ज्योतिषाचार्य
Updated Sat, 11 Jan 2014 08:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शास्त्रानुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं, जो सूर्य देव के पुत्र होते हुए भी सूर्य से शत्रु भाव रखते हैं।
विज्ञापन
अतः शनिदेव के घर में सूर्य की उपस्थिति के दौरान शनि उन्हें कष्ट न दें, इसलिए तिल का दान और सेवन मकर संक्रांति में किया जाता है।
मान्यता यह भी है कि माघ मास में जो व्यक्ति रोजाना भगवान विष्णु की पूजा तिल से करता है, उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
जरूर करें गंगा स्नान
मान्यता है कि इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम प्रयाग में सभी देवी-देवता अपना स्वरूप बदलकर स्नान के लिए आते हैं। इसलिए इस दिन दान, तप, जप का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।
विज्ञापन
मकर संक्रांति में चावल, गुड़, उड़द, तिल आदि चीजों को खाने में शामिल किया जाता है, क्योंकि यह पौष्टिक होने के साथ ही शरीर को गर्म रखने वाले होते हैं।
इस दिन ब्राह्मणों को अनाज, वस्त्र, ऊनी कपड़े, फल आदि दान करने से शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। दीर्घायु एवं निरोगी रहने के लिए रोगी को इस दिन औषधि, तेल, आहार दान करना चाहिए।
विज्ञापन