Mahakumbh 2025: अभी तक नहीं लगा पाए हैं संगम में डुबकी? तो जान लें अब कितने पर्व स्नान हैं बाकी
Mahakumbh Snaan: महाकुंभ के सारे अमृत स्नान अब समाप्त हो गए हैं। अगर आप भी अभी तक महाकुंभ नहीं जा पाए हैं तो आज की इस खबर में हम आपको बचे हुए पर्व स्नानों के बारे में और उनके मुहूर्त के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
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Mahakumbh Akhiri Snaan: महाकुंभ मेला भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा पर्व है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग कुंभ देखने और स्नान करने के लिए आ रहे हैं। यह हर 12 वर्षों में आयोजित होने वाला यह मेला इस बार 2025 में प्रयागराज में हो रहा है। मान्यता है कि महाकुंभ में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि महाकुंभ में अब कितने पर्व स्नान बचे हैं। महाकुंभ के सारे अमृत स्नान अब समाप्त हो गए हैं। अगर आप भी अभी तक महाकुंभ नहीं जा पाए हैं तो आज की इस खबर में हम आपको बचे हुए पर्व स्नानों के बारे में और उनके मुहूर्त के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
माघ पूर्णिमा- 12 फरवरी
महाकुंभ खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं। हालांकि, अभी भी लोग बड़ी मात्रा में संगम में डुबकी लगा रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में एक बार फिर प्रयागराज में लोगों की भीड़ बढ़ने वाली है। बता दें कि 12 फरवरी को महाकुंभ का पर्व स्नान होने वाला है। इस दिन कल्पवास की भी समाप्ति हो जाएगी। कहते हैं कि माघ पूर्णिमा में डुबकी लगाने से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है।
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महाकुंभ का आखिरी पर्व स्नान महाशिवरात्रि के दिन होगा। इस दिन को महादेव के लिए काफी प्रिय माना जाता है क्योंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही नहीं, अगर आप प्रयागराज जाने में असमर्थ हैं तो काशी के गंगा घाट पर भी स्नान कर सकते हैं। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
पितरों को कैसे करें प्रसन्न
अगर आप पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान कर रहे हैं तो अपने पितरों को खुश करने के लिए पर्व स्नान करके अन्न एवं जल दान करें। ऐसी मान्यता है कि इससे पूर्वजों को तृप्ति मिलती है और उनके वंशज तो आशीर्वाद भी मिलता है। इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती थी।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।