फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Laxmi Ji Ki Aarti Jai Laxmi Mata maiya jai Laxmi Mata Aarti Lyrics In Hindi

Laxmi Ji Ki Aarti: प्रत्येक शुक्रवार को करें ये छोटा सा काम, मां लक्ष्मी देंगी अपार धन-सम्पत्ति का आशीर्वाद

Fri, 23 Feb 2024 12:19 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 23 Feb 2024 12:19 AM IST
सार

Maa Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics: मां लक्ष्मी धन की देवी हैं। इन्हीं की कृपा से मनुष्य को धन-वैभव की प्राप्ति होती है। ऐसे में प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा के बाद उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए। 

विज्ञापन
Laxmi Ji Ki Aarti Jai Laxmi Mata maiya jai Laxmi Mata Aarti Lyrics In Hindi
मां लक्ष्मी की आरती - फोटो : iStock

विस्तार

Maa Laxmi Ji Ki Aarti Lyrics: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बड़ा ही महत्व है। किसी खास व्रत और त्योहार के अलावा रोजाना लोग सुबह-शाम भगवान की पूजा करते हैं और आखिर में आरती जरूर करते हैं। चाहे किसी भी देवी-देवता की पूजा की जाए बिना आरती के वह पूजा अधूरी मानी जाती है। धार्मिक शास्त्रों में आरती करने का विशेष महत्व बताया गया है। जिस तरह सभी देवी-देवता की पूजा करने की विधि अलग होती है, ठीक उसी प्रकार प्रत्येक देवी-देवता के लिए अलग आरती भी गाई जाती है। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं। इन्हीं की कृपा से मनुष्य को धन-वैभव की प्राप्ति होती है। ऐसे में प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा के बाद उनकी आरती अवश्य करनी चाहिए। यहां मां महालक्ष्मी की आरती दी जा रही है। इसकी मदद से पूजा के दौरान आप आरती पढ़ सकते हैं... 
विज्ञापन


मां लक्ष्मी की आरती 

ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
मैया सुख संपत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। 
मैया तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता। 
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

ऊं  जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed