सभी 9 ग्रहों में शनि सबसे ताकतवर और क्रूर ग्रह माने जाते है। यह पाप और पुण्य के आधार पर फल देते है। शनिदेव की टेढ़ी नजर जिस किसी पर पड़ जाती है उसकी परेशानियां बढ़ने लगती है और बनते काम में बाधाएं आनी शुरू हो जाती है। शनि की अशुभ नजर पड़ने पर क्या होता है और इसके प्रभाव से कैसे बचा जा सकता है, आइए जानते हैं।
क्या होता है जब किसी पर पड़ जाती है शनि की टेढ़ी नजर
क्यों पड़ती है शनि की अशुभ छाया- इसके है 3 कारण
- जातक पर शनि की साढ़े साती या ढय्या का प्रभाव होने से।
- जातक पर शनि की महादशा होने पर पड़ती है शनि की टेढ़ी नजर।
- कुंडली में शनि अशुभ भाव में होने पर, यानि शनि जब तीसरे, सांतवें या दसवें घर में बैठा हो।
शनि को क्यों माना जाता है अशुभ, क्या है पौराणिक कथा
शनि का विवाह चित्ररथ नाम की लड़की से हुआ था। एक बार शनि देव तप में लीन थे उसी समय उनकी पत्नी मिलन की कामना में उनके पास पंहुची। लेकिन शनि देव तपस्या में इतने लीन थे कि उनकी ध्यान पत्नी की तरफ नही जा सका। जिससे क्रोधित होकर उनकी पत्नी चित्ररथ ने उनको शाप देते हुए कहा आपने अपनी पत्नी को कभी प्रेम से नहीं देखा। आज के बाद आप की नजर जिस किसी पर पड़ेगी उसका बुरा समय शुरू हो जाएगा। इसी कारण से शनि की छाया को अशुभ माना जाता है।
शनि की टेढ़ी नजर का असर
- व्यक्ति बीमार होने लगता है उसके पैरों से संबंधित कोई बीमारी होने लगती है।
- पैसों का लगातार नुकसान होने लगता है बेवजह से खर्चे बढ़ने लगते हैं।
- बनते काम बिगड़ने लगते है और घर पर पालतू काले जानवर की मृत्यु होने लगती है।
- चीजें खोने लगती है या फिर टूट फूट शुरू हो जाती है।
शनि की टेढ़ी नजर से बचाव
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- पीपल के पेड़ पर तेल का दीया जलाएं।
- प्रत्येक शनिवार को शनिदेव को तेल चढ़ाएं।