जानिए बौद्ध धर्म से जुड़े 8 पवित्र चिन्ह के बारे में
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भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के प्रवर्तक हैं। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में इस धर्म को मानने वालों की संख्या करोड़ो में है। बौद्ध धर्म के सभी सिद्धांतों जिनका उपदेश भगवान बुद्ध ने दिया था प्रतीको के रूप में वर्णन किया गया है। बौद्ध धर्म के आठ शुभ चिह्न पूजनीय हैं जो कि कुछ इस तरह हैं।
श्वेत शंख: श्वेत शंख हमेशा से ही सादगी और संगीत के मुधुर ध्वनि को दर्शाता है। श्वेत शंख व्यक्ति को अज्ञानता से हटाकर उजाले की और दूसरों की भलाई करने की हमेशा प्रेरणा देता है।
विजयी घ्वज: विजयी पताका बौद्ध धर्म के सिद्धांतों के विजयी होने का संदेश देता है।
स्वर्ण मछली: स्वर्ण मछली जीवन में स्वतंत्रता और बिना भय के जीवन जीने का प्रतीक है। जैसे एक मछली समुद्र में बिना भय के तैरती है ठीक उसी प्रकार सभी जीवों को निर्भय होकर जीना चाहिए।
पवित्र छत्री: पवित्र छत्री व्यक्ति को बुराईयों, विपत्तियों और गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने का प्रतीक है।
धर्म चक्र: यह बौद्ध धर्म के सभी प्रकार के सिद्धांतों, जिनका भगवान बुद्ध ने अपने उपदेशों में उल्लेख किया है इसके विकास की ओर इशारा करता है।
शुभ आकृति: यह बौद्ध धर्म के अष्टांगिक मार्ग की ओर भी इंगित करता है।
कमल का फूल: बौद्ध धर्म में कमल के फूल का अत्यधिक महत्व है। यह शरीर, वचन और मन के शुद्धिकरण का प्रतीक है।
शुभ कलश: शुभ कलश दीर्घायु, सुख संपत्ति, आनंद, अनवरत वर्षा व जीवन के सभी सुखों व लाभों का प्रतीक है