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पहली बार एक हफ्ते तक भूखे रहे 'केदारनाथ'
राकेश/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 22 Jun 2013 06:00 PM IST
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बीते शनिवार यानी 15 जून की रात केदारनाथ में आफत की बरसात हुई और सब कुछ तबाह हो गया। सालों से महादेव की सेवा में लगे पंडों और मंदिर के सेवकों को भी सैलाब ने नहीं बख्शा। मंदिर के अंदर अब तक शव बिखड़े पड़े हैं जो उस रात आई तबाही का मंजर बयान कर रहे हैं।
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हर साल इस मौसम में ये मंदिर केदारनाथ के जयकारों से गूंजा करता था। भक्तों की लंबी कतारें लगती थी। सुबह शाम महादेव का ऋंगार किया जाता था और विशेष पूजा अर्चना होती थी। शिव जी को विशेष भोग लगाया जाता था। भक्तगण इस पूजा का भाव विभोर होकर आनंद लेते थे।
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लेकिन आज यहां हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां न कोई शिव भक्त है और न पुजारी। जो तबाही से बचे हैं वो कतार दृष्टि से शिव को देख रहे हैं। शवों के बीच से गुजरकर शिव मंदिर में पहुंचने और शिव की पूजा करने का साहस किसी में नहीं है।
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यही कारण है कि 16 जून से लेकर 21 जून तक केदारनाथ की पूजा नहीं हो पायी। भोग और विशेष पूजा अर्चना तो क्या कोई महादेव को जल और फूल अर्पित करने भी नहीं आया। भक्तों के मिले दर्द में महादेव को अभी और दुःखी होना पड़ेगा।
केदारनाथ के मुख्य पुजारी के अनुसार मंदिर से शवों को निकालकर जब तक मंदिर का शुद्घिकरण नहीं किया जाएगा तब तक यहां पूजा अर्चना नहीं हो सकेगी। इस बीच केदारनाथ का 'चल विग्रह' गुप्तकाशी के विश्वनाथ मंदिर में रहेगा और इसकी पूजा होती रहेगी। इसकी शुरूआत आज से हो गयी है।