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हिमाचल की एक झील, जिसमें गड़ा है अरबों का खजाना
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 19 Jan 2014 08:35 AM IST
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देवभूमि हिमाचल में एक ऐसा झील है जिसमें गड़ा है अरबों का खजाना। अगर आप यह सोच रहे हैं कि इस खजाने को चुरा लेंगे या किसी तरह हथिया लेंगे तो यह बात मन से निकाल दीजिए।
क्योंकि यह खजाना उस झील में है जिसके विषय में यह कहा जाता है कि झील का अंत सीधा पाताल में जाकर होता है और तो और इस झील के खजाने की रक्षा नाग देवता करते हैं क्योंकि खजाना देवताओं का है।
आपके मन में यह बात उठने लगी होगी कि आखिर ऐसा चमत्कारी और धनवान झील कौन सा है। तो आपको बता दें कि इस झील का नाम है कमरुनाग झील।
हर साल 14 और 15 जून को बाबा कमरुनाग का दर्शन भक्तों को प्राप्त होता है। इनके दर्शन के लिए लोग रोहांडा नामक स्थान से 8 किलोमीटर घने जंगल और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई पूरी करके आते हैं। रोहांडा हिमाचल प्रदेश के मण्डी नामक स्थान से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।
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कमरुनाग झील के विषय में मान्यता है कि इसमें सोना, चांदी गहना और धन कुछ भी अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है। इसलिए लोगों को गहने और धन चढ़ते हुए यहां देखा जा सकता है। लोगों की यह भेंट सीधे देवताओं तक पहुंच जाती है। वर्षों से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने झील की गर्त में यानी देवताओं के खजाने में रखे हुए हैं।
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क्योंकि यह खजाना उस झील में है जिसके विषय में यह कहा जाता है कि झील का अंत सीधा पाताल में जाकर होता है और तो और इस झील के खजाने की रक्षा नाग देवता करते हैं क्योंकि खजाना देवताओं का है।
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आपके मन में यह बात उठने लगी होगी कि आखिर ऐसा चमत्कारी और धनवान झील कौन सा है। तो आपको बता दें कि इस झील का नाम है कमरुनाग झील।
हर साल 14 और 15 जून को बाबा कमरुनाग का दर्शन भक्तों को प्राप्त होता है। इनके दर्शन के लिए लोग रोहांडा नामक स्थान से 8 किलोमीटर घने जंगल और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई पूरी करके आते हैं। रोहांडा हिमाचल प्रदेश के मण्डी नामक स्थान से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है।
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कमरुनाग झील के विषय में मान्यता है कि इसमें सोना, चांदी गहना और धन कुछ भी अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है। इसलिए लोगों को गहने और धन चढ़ते हुए यहां देखा जा सकता है। लोगों की यह भेंट सीधे देवताओं तक पहुंच जाती है। वर्षों से लोगों द्वारा चढ़ाए गए धन और गहने झील की गर्त में यानी देवताओं के खजाने में रखे हुए हैं।