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चौंकिए मत, माता के इस मंदिर में चप्पल से होती हैं मुरादें पूरी

Sat, 18 Apr 2015 03:52 PM IST
Updated Sat, 18 Apr 2015 03:52 PM IST
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jeeja bai temple of bhopal

मुरादें पूरी करने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते कभी मिठाईयों का भोग लगाते हैं तो कभी साड़ी-कपड़े चढ़ाते हैं। लेकिन देवी का एक मंदिर ऐसा है जहां मुरादें पूरी करने लिए अनोखी परंपरा चली आ रही है।

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यहां माता के भक्त अपनी मन्नतें पूरी करवाने के लिए माता को जूते, चप्पल और सैंडल तक चढ़ाते हैं। कमाल की बात तो यह है कि यहां पर माता के लिए न सिर्फ देशी जूते-चप्पलों का भेट चढ़ता है बल्कि विदेशों से भी माता के लिए जूते चप्पलों की सौगत आती है।

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माता को जूते चप्पल चढ़ाने की अजब है कहानी

jeeja bai temple of bhopal

माता का यह अनोखा मंदिर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पहाड़ी पर बसा है। इसे सिद्धदात्री पहाड़ावाला माता के नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग माता के इस मंदिर को जीजा बाई के मंदिर के नाम से पुकारते हैं।

माता के इस मंदिर में जूत चप्पलों की भेंट क्यों चढ़ती है इस इसके पीछे एक अनोखी कहानी कही जाती है। ओम प्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने यहां माता की मूर्ति स्थापित की इसके बाद शिव-पार्वती का व्याह करवाया।

इसके बाद खुद पुत्री मानकर देवी का कन्यादान किया। इसके बाद से लोग इस देवी को पुत्री मानकर यहां पूजा करते हैं।

और जिस तरह लोग बेटियों को भेंट उपहार देते हैं उसी तरह यहां भी माता को हर जरूरत की चीज भेंट की जाती है। माता को जूते-चप्पलों को अलावा मौसम के अनुसार वस्त्र, टोपी, चश्मे भी लोग चढ़ाते हैं।

यहां भी जूते-चप्पलों से बनता है काम बस तरीका है अलग

jeeja bai temple of bhopal

भोपाल के सिद्घिदात्री माता को जहां मुरदों पूरी करने के लिए जूते-चप्पल भेंट किए जाते वहीं उत्तर प्रदेश का एक मजार भी अपने आप में अनोखा हैं यहां भी जूते-चप्प्लों से लोगों की मुरादें पूरी होती हैं।

लेकिन फर्क इतना है कि यहां लोग जूते-चप्पल भेंट नहीं करते बल्कि जूते चप्पल से मजार की पिटाई करते हैं। इस मजार को चुगलखोर का मजार कहा जाता है।

यह नाम कैसे पड़ा यह ठीक-ठीक बताना कठिन है क्योंकि इसका कोई प्रमाण नहीं है लेकिन मान्यता है कि इस मजार पर पांच बार जूते-चप्पल मारकर यात्रा की जाए तो काम में सफलता मिलती है।

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