फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitru Paksha 2019: क्या है पितृ पक्ष का महत्व? क्यों जरूरी है पुरखों का श्राद्ध

Tue, 03 Sep 2019 01:35 PM IST
vinod shukla विनोद शुक्ला
Updated Tue, 03 Sep 2019 01:35 PM IST
विज्ञापन
Importance of Pitru Paksha in life
shradh

हिन्दू धर्म में देवों के समान ही पितरों को भी विशेष स्थान दिया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवों से पहले पितरों की पूजा का विधान है। हिन्दू धर्म में जातक के जन्म से लेकर मृत्यु 16 संस्कार हैं औ सबसे अंत में मृत्यु उपरांत व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया जाता है।



इस पितृ पक्ष गया में कराएं श्राद्ध पूजा, पाएं पितृ दोषों से मुक्ति : 13 - 28 सितम्बर 2019 - अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

Importance of Pitru Paksha in life
श्राद्ध

मान्यताओं के अनुसार जातक की मृत्यु के पश्चात भी कही ऐसे कार्य होते है जो रिश्तेदारों को, विशेषकर संतान को करने होते हैं। श्राद्ध कर्म भी उन्ही कर्मों में से एक है। श्राद्ध कर्म का हिन्दू मान्यताओं के अनुसार महत्व बहुत है। हिन्दू परम्पराओं के अनुसार पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का ये सबसे बड़ा पर्व है।

हर वर्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पूरे पखवाड़े में श्राद्ध कर्म करने का विधान है। इस वर्ष पितृ पक्ष का समय 13 सितम्बर से 28 सितम्बर का है।

इस पितृ पक्ष गया में कराएं श्राद्ध पूजा, पाएं पितृ दोषों से मुक्ति : 13 - 28 सितम्बर 2019 - अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

Importance of Pitru Paksha in life
श्राद्ध

हिन्दू ग्रंथो में इस बात का वर्णन है की देवों से पहले पितरों की पूजा होनी चाहिए। ऐसा वर्णन हिन्दू ग्रंथों में है की जब पितृ खुश होंगे तभी देव भी खुश होंगे। भारतीय संस्कृति में हमेशा इस बात पर ज़ोर दिया जाता की अपने से बड़ों का हमेशा सम्मान किया जाए और मरोणोपरांत् श्राद्ध कर्म किए जाए। मान्यता यह है की अगर श्राद्ध विधि अनुसार नहीं किए जाए तो जातक की आत्मा भटकते रहती है, जातक को मुक्ति नहीं मिल पाती।

इस पितृ पक्ष गया में कराएं श्राद्ध पूजा, पाएं पितृ दोषों से मुक्ति : 13 - 28 सितम्बर 2019 - अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

विज्ञापन
विज्ञापन
Importance of Pitru Paksha in life
भाद्रपद पूर्णिमा पर भक्तों ने किया गंगा किनारे श्राद्ध कर्म - फोटो : अमर उजाला

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार भी पितृ पक्ष मे श्रद्धापूर्वक श्राद्ध करने को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। पितरों का श्रद्धापूर्वक श्राद्ध नहीं किया जाए तो कही तरह के दोष, कही तरह की रुकावटें जीवन में आने लगती हैं। जैसे काम मे रुकावट आना, धन हानि होना, संतान की परेशानी होना। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पितरों की मुक्ति ही पितृदोष से दूर रख सकती है।

इस पितृ पक्ष गया में कराएं श्राद्ध पूजा, पाएं पितृ दोषों से मुक्ति : 13 - 28 सितम्बर 2019 - अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

विज्ञापन
Importance of Pitru Paksha in life
श्राद्ध में जुटे लोग

भारतीय पौराणिक कथाओं में पितृ पक्ष मे श्राद्ध करने के विशेष फल बताए गए है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पितृ पक्ष में पूर्वज की मृत्यु की तिथि में ही उनका श्रद्धा करना उचित बताया गया है। अगर किसी पूर्वज की तिथि याद ना हो तो उसका श्राद्ध आश्विन अमावस्या के दिन किया जाना चाहिए।

इस पितृ पक्ष गया में कराएं श्राद्ध पूजा, पाएं पितृ दोषों से मुक्ति : 13 - 28 सितम्बर 2019 - अभी आर्डर करें। (विज्ञापन)

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed