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इसलिए खास है वर्ष का अंतिम शुक्रवार
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
Updated Fri, 28 Dec 2012 11:25 AM IST
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आज वर्ष का अंतिम शुक्रवार है। शुक्रवार को लक्ष्मी की आराधना के लिए शुभ दिन माना गया है। मान्यता है कि इस दिन लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। इसलिए शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी की पूजा एवं व्रतोपवास रखा जाता है।
वर्ष का अंतिम शुक्रवार पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा है। शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को भगवान सत्यनारायण की पूजा का दिन कहा गया है। इस तरह यह शुक्रवार एक साथ भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा का योग लेकर आया है।
भविष्य पुराण में बताया गया है कि पौष मास की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा देवी प्रकट हुई हैं। इसलिए पौष मास की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनायी जाती है। अन्नपूर्णा माता को गौरी का अंशावतार माना जाता है। इनकी कृपा से घर में अन्न के भंडार भरे रहते हैं। माता अन्नपूर्णा की कृपा से ही व्यक्ति को भोजन प्राप्त होगा।
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इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि भोजन से पूर्व धरती माता जो अन्न पैदा करती हैं। भगवान विष्णु जो सूर्य रूप से अन्न का पोषण करते हैं तथा माता अन्नपूर्ण जिनकी कृपा से भोजन नसीब होता उनका ध्यान करना चाहिए। अन्नपूर्णा जयंती, सत्यनारायण व्रत एवं लक्ष्मी पूजा का दिन होने से आज का दिन विशेष हो गया है।
आज क्या करें
अन्न धन की वृद्घि के लिए आज घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी माता की पूजा करें। संध्या के समय लक्ष्मी माता को बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं और कुंवारी कन्याओं को प्रसाद बांटें। विष्णु सहस्रनाम एवं लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना भी लाभप्रद रहेगा।
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वर्ष का अंतिम शुक्रवार पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा है। शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को भगवान सत्यनारायण की पूजा का दिन कहा गया है। इस तरह यह शुक्रवार एक साथ भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा का योग लेकर आया है।
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भविष्य पुराण में बताया गया है कि पौष मास की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा देवी प्रकट हुई हैं। इसलिए पौष मास की पूर्णिमा को अन्नपूर्णा जयंती मनायी जाती है। अन्नपूर्णा माता को गौरी का अंशावतार माना जाता है। इनकी कृपा से घर में अन्न के भंडार भरे रहते हैं। माता अन्नपूर्णा की कृपा से ही व्यक्ति को भोजन प्राप्त होगा।
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इसलिए शास्त्रों में कहा गया है कि भोजन से पूर्व धरती माता जो अन्न पैदा करती हैं। भगवान विष्णु जो सूर्य रूप से अन्न का पोषण करते हैं तथा माता अन्नपूर्ण जिनकी कृपा से भोजन नसीब होता उनका ध्यान करना चाहिए। अन्नपूर्णा जयंती, सत्यनारायण व्रत एवं लक्ष्मी पूजा का दिन होने से आज का दिन विशेष हो गया है।
आज क्या करें
अन्न धन की वृद्घि के लिए आज घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी माता की पूजा करें। संध्या के समय लक्ष्मी माता को बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं और कुंवारी कन्याओं को प्रसाद बांटें। विष्णु सहस्रनाम एवं लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना भी लाभप्रद रहेगा।