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Garuda Purana : गरुड़ पुराण में है कई नरकों का उल्लेख, जानिए किस कर्म की मिलती है कौन सी सजा
Sun, 30 Jan 2022 09:19 AM IST
श्वेता सिंह
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sun, 30 Jan 2022 09:19 AM IST
सार
Garuda Purana: अठारह पुराणों में गरुड़महापुराण का अपना एक विशेष महत्व है। गरुड़ पुराण में कई प्रकार के नरकों का उल्लेख मिलता है। इसके अंतर्गत बताया गया है कि किस पाप की क्या सजा है।
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गरुड़ पुराण में कई प्रकार के नरकों का उल्लेख मिलता है। इसके अंतर्गत बताया गया है कि किस पाप की क्या सजा है।
- फोटो : Pixabay
विस्तार
Garuda Purana: गरुड़ पुराण वैष्णव सम्प्रदाय से सम्बन्धित एक महापुराण है। यह सनातन धर्म में मृत्यु के बाद सद्गति प्रदान करने वाला माना जाता है। इसलिये सनातन हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण के श्रवण का प्रावधान है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु हैं। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार, निष्काम कर्म की महिमा के साथ यज्ञ, दान, तप तीर्थ आदि शुभ कर्मों में सर्व साधारण को प्रवृत्त करने के लिये अनेक लौकिक और पारलौकिक फलों का वर्णन किया गया है। अठारह पुराणों में गरुड़महापुराण का अपना एक विशेष महत्व है। गरुड़ पुराण में कई प्रकार के नरकों का उल्लेख मिलता है। इसके अंतर्गत बताया गया है कि किस पाप की क्या सजा है। आइए जानते हैं गरुड पुराण में उल्लिखित नरकों के बारे में।
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- महारौरव: दूसरों के घर, खेत, खलिहान या गोदाम आदि में जानबूझकर आग लगाने वालों को ऐसी जगह रखा जाता है, जहां चारों ओर आग ही आग होती है। इस स्थान को 'महारौरव' कहा जाता है।
- महावीचि: जो लोग गौहत्या करते हैं, उन्हें ऐसे स्थान पर रखा जाता है, जहां लोहे की नुकीले कांटे होते हैं और खून ही खून बिखरा होता है। इस स्थान को 'महावीचि' कहा जाता है।
- कुंभीपाक: ब्राह्मण की हत्या करने वाले और दूसरों की जमीन हड़पने वालों को नरक में गर्म बालू और अंगारों से भरी जमीन पर स्थान दिया जाता है। यह 'कुंभीपाक' कहलाता है।
- मंजूष: निर्दोष को फंसाने और बंदी बनवाने वालों को जलते लोहे की धधकती जमीन पर सजा मिलती है। इस जगह को 'मंजूष' कहा जाता है।
- महाप्रभ: जो लोग पति-पत्नी में फूट डालते हैं, उन्हें 'महाप्रभ' नामक नरक में स्थान मिलता है। कहते हैं वहां बड़े-बड़े नुकीले तीर होते हैं।
- विलेपक: शराब का सेवन करने वाले ब्राह्मणों को ऐसी जगह पर जलाया जाता है, जहां लाखों की संख्या में शोले जलते रहते हैं। इस स्थान को 'विलेपक' कहते हैं।
- जयंती: पराई स्त्री के साथ संबंध रखने वालों को जयंती नामक नरक में रखा जाता है। इस स्थान पर लोहे की बड़ी चट्टान के नीचे दबाकर सजा दी जाती है।
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