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सात समुद्र पार, बैंगन में नज़र आये गणेश भगवान
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क।
Updated Mon, 06 May 2013 01:01 PM IST
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आस्था और विश्वास आपको
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किसी भी चीज में ईश्वर की झलक दिखला सकता है। गीता में भगवान ने कहा भी है कि जो
उन्हें जिस रूप में देखता है और पूजता है वह उसी रूप में उसे प्राप्त हो जाते हैं।
अगर कोई पत्थर को भगवान मानकर पूजता है तो पत्थर से भी भगवान नज़र आने लगते हैं।
लेकिन एक ऐसा मामला आया है जिसमें गणेश जी बैंगन में नज़र आये हैं।
बात बड़ी इसलिए है क्योंकि इस बार भगवान भारत में नहीं बल्कि ब्रिटेन के लिसेस्टर में रहने वाले 61 वर्षीय भारतीय कैटरर प्रफुल विश्राम को नज़र आये हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रफुल विश्राम का कहना है कि, उनकी पत्नी रेखा ने सबसे पहले इस बैंगन को देखा और बताया कि यह बिल्कुल भगवान गणेश की तरह है।
इसके बाद हमने एक अस्थायी मंदिर बनाकर इसे अपने कार्यस्थल पर स्थापित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह भगवान गणेश का आशीर्वाद है और हमारी जिंदगी में सौभाग्य और समृद्धि लाएगा। दरअसल सब्जियों का एक बॉक्स खोलने पर उसमें से जब बैंगन निकला गया तो एक बैंगन ऐसा निकला जिसमें सूंड जैसी आकृति बनी हुई थी। प्रतिदिन बहुत से लोग इस बैंगन का दर्शन करने आ रहें।
भारत में इससे पहले कई बार फल और
सब्जियों में गणेश जी नज़र आ चुके हैं। बीते साल 2012 में सहारनपुर के प्रतापनगर
में रहने वाले राजन गोयल और उनकी पत्नी साधना गोयल को उस समय गणेश जी की कृपा की
अनुभूति हुई जब उन्होंने एक पपीते को काटा और उसके अंदर से गणेश जी की आकृति नज़र
आयी।
2011 में बिलारी की रेनू ड़ुडेजा जब रसोई बनाने के लिए आलू काट रही थी तभी एक आलू में गणेश जी की आकृति इन्हें नज़र आयी। इस आलू को देखने के लिए लोगों का तांता लगने लगा। इसी साल दादरी के एक मंदिर में जमीन से ऐसा आलू निकला जिसमें सूंड, आंख, नाक, मुंह नज़र आ रहे थे।
बात बड़ी इसलिए है क्योंकि इस बार भगवान भारत में नहीं बल्कि ब्रिटेन के लिसेस्टर में रहने वाले 61 वर्षीय भारतीय कैटरर प्रफुल विश्राम को नज़र आये हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रफुल विश्राम का कहना है कि, उनकी पत्नी रेखा ने सबसे पहले इस बैंगन को देखा और बताया कि यह बिल्कुल भगवान गणेश की तरह है।
इसके बाद हमने एक अस्थायी मंदिर बनाकर इसे अपने कार्यस्थल पर स्थापित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह भगवान गणेश का आशीर्वाद है और हमारी जिंदगी में सौभाग्य और समृद्धि लाएगा। दरअसल सब्जियों का एक बॉक्स खोलने पर उसमें से जब बैंगन निकला गया तो एक बैंगन ऐसा निकला जिसमें सूंड जैसी आकृति बनी हुई थी। प्रतिदिन बहुत से लोग इस बैंगन का दर्शन करने आ रहें।
भारत में इससे पहले कई बार फल और
सब्जियों में गणेश जी नज़र आ चुके हैं। बीते साल 2012 में सहारनपुर के प्रतापनगर
में रहने वाले राजन गोयल और उनकी पत्नी साधना गोयल को उस समय गणेश जी की कृपा की
अनुभूति हुई जब उन्होंने एक पपीते को काटा और उसके अंदर से गणेश जी की आकृति नज़र
आयी।
2011 में बिलारी की रेनू ड़ुडेजा जब रसोई बनाने के लिए आलू काट रही थी तभी एक आलू में गणेश जी की आकृति इन्हें नज़र आयी। इस आलू को देखने के लिए लोगों का तांता लगने लगा। इसी साल दादरी के एक मंदिर में जमीन से ऐसा आलू निकला जिसमें सूंड, आंख, नाक, मुंह नज़र आ रहे थे।