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धनतेरस पर शास्त्रों के अनुसार करें खरीदारी
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
Updated Fri, 09 Nov 2012 11:10 AM IST
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धनतेरस के शुभ मौके पर हम सभी कुछ न कुछ वस्तु खरीदकर घर लाते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि ऐसा करने से धन संपत्ति में वृद्धि होती है। लेकिन धनतेरस में खरीदारी का एक खास तरीका है जिसका वर्णन शास्त्रों में मिलता है। अगर शास्त्रों में बताये गये नियमों के अनुसार धनतेरस के अवसर पर खरीदारी करें तो धनतेरस के अवसर पर की गयी खरीदारी आपके धन को तेरस यानी तेरह गुणा कर सकती है।
धनतेरस के अवसर पर नये बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस परंपरा के पीछे यह मान्यता है कि इसी दिन अमृत कलश लेकर धन्वंतरी भगवान प्रकट हुए थे। इसलिए नए बर्तन खरीदने से घर में समृद्धि आती है। लेकिन बर्तन की खरीदारी करते समय बहुत से लोग मुहूर्त का ध्यान नहीं रखते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से धन संपत्ति में वृद्धि होती है।
बरतन खरीदते समय एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि बर्तन खरीदकर उसमें कुछ मिठाइयां, खील, चावल अथवा बताशे जरूर भर लें। घर में भरा हुआ बर्तन का आना समृद्धि का प्रतीक होता है। बर्तन खरीदने के बाद बरतन बेचने वाले से बरतन में एक रूपये का सिक्का रखवा लें तो यह और भी उत्तम होता है।
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धनतेरस का संबंध धन की वृद्धि से है इसलिए धनतेरस के मौके पर स्वर्ण और चांदी की खरीदारी का प्रचलन है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोना गुरू का धातु है। गुरू को धन का कारक गया है। स्वर्ण की खरीदारी से गुरू का शुभ प्रभाव बढ़ता है जिससे धन में वृद्धि होती है। चांदी को शुक्र और चन्द्रमा से प्रभावित माना जाता है। शुक्र को सुख एवं वैभव प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है। इसलिए धनतेरस के मौके पर चांदी एवं हीरा खरीदना भी शुभ माना जाता है।
बहुत से लोग धनतेरस के मौके पर चांदी के बर्तन और अन्य सामग्री खरीदते हैं। इन चीजों में अन्य धातु को मिलाया जाता है। इसी प्रकार सोने के गहनों में भी अन्य धातुओं को मिलाया जाता है। मिलावट वाले धातु खरीदने की बजाय शुद्ध सोना और चांदी खरीदें तो व्यवहारिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से लाभप्रद हो सकता है।
पं विनोद त्यागी कहते हैं कि धनतेरस के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक चीजों को खरीदने का प्रचलन इन दिनों बढ़ता जा रहा है। मगर इलेक्ट्रानिक्स प्रोडक्ट की आयु कम होती है और इनकी कीमत समय के साथ कम होती जाती है। इसलिए धनतेरस के मौके पर इन चीजों की खरीदारी की बजाय शुद्ध धातुओं में निवेश करना चाहिए। जमीन एवं मकान खरीदना भी इस दिन शुभ होता है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
बरतन एवं आभूषण खरीदने के लिए दिल्ली, चेन्नई और चंडीगढ़ में दोपहर 1 बजकर 28 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक का समय सबसे उत्तम है। मुंबई में 1 बजकर 46 मिनट से 3 बजकर 10 मिनट और कोलकाता में 12 बजकर 43 मिनट से 2 बजकर 5 मिनट तक का समय श्रेष्ठ है।
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धनतेरस के अवसर पर नये बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस परंपरा के पीछे यह मान्यता है कि इसी दिन अमृत कलश लेकर धन्वंतरी भगवान प्रकट हुए थे। इसलिए नए बर्तन खरीदने से घर में समृद्धि आती है। लेकिन बर्तन की खरीदारी करते समय बहुत से लोग मुहूर्त का ध्यान नहीं रखते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से धन संपत्ति में वृद्धि होती है।
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बरतन खरीदते समय एक बात का और ध्यान रखना चाहिए कि बर्तन खरीदकर उसमें कुछ मिठाइयां, खील, चावल अथवा बताशे जरूर भर लें। घर में भरा हुआ बर्तन का आना समृद्धि का प्रतीक होता है। बर्तन खरीदने के बाद बरतन बेचने वाले से बरतन में एक रूपये का सिक्का रखवा लें तो यह और भी उत्तम होता है।
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धनतेरस का संबंध धन की वृद्धि से है इसलिए धनतेरस के मौके पर स्वर्ण और चांदी की खरीदारी का प्रचलन है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोना गुरू का धातु है। गुरू को धन का कारक गया है। स्वर्ण की खरीदारी से गुरू का शुभ प्रभाव बढ़ता है जिससे धन में वृद्धि होती है। चांदी को शुक्र और चन्द्रमा से प्रभावित माना जाता है। शुक्र को सुख एवं वैभव प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है। इसलिए धनतेरस के मौके पर चांदी एवं हीरा खरीदना भी शुभ माना जाता है।
बहुत से लोग धनतेरस के मौके पर चांदी के बर्तन और अन्य सामग्री खरीदते हैं। इन चीजों में अन्य धातु को मिलाया जाता है। इसी प्रकार सोने के गहनों में भी अन्य धातुओं को मिलाया जाता है। मिलावट वाले धातु खरीदने की बजाय शुद्ध सोना और चांदी खरीदें तो व्यवहारिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से लाभप्रद हो सकता है।
पं विनोद त्यागी कहते हैं कि धनतेरस के मौके पर इलेक्ट्रॉनिक चीजों को खरीदने का प्रचलन इन दिनों बढ़ता जा रहा है। मगर इलेक्ट्रानिक्स प्रोडक्ट की आयु कम होती है और इनकी कीमत समय के साथ कम होती जाती है। इसलिए धनतेरस के मौके पर इन चीजों की खरीदारी की बजाय शुद्ध धातुओं में निवेश करना चाहिए। जमीन एवं मकान खरीदना भी इस दिन शुभ होता है।
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
बरतन एवं आभूषण खरीदने के लिए दिल्ली, चेन्नई और चंडीगढ़ में दोपहर 1 बजकर 28 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक का समय सबसे उत्तम है। मुंबई में 1 बजकर 46 मिनट से 3 बजकर 10 मिनट और कोलकाता में 12 बजकर 43 मिनट से 2 बजकर 5 मिनट तक का समय श्रेष्ठ है।