मार्डन हुए गणेश जी फोन पर बतियाते हैं भक्तों से, करते हैं मुरादें पूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब भक्त एडवांश होते जा रहे हैं और आए दिन नई-नई तकनीकों का आनंद ले रहे हैं तो भला भगवान ही पीछे क्यों रहें। इसलिए भगवान भी अब हो चले हैं मार्डन और टेक फ्रैंडली, करने लगे हैं मोबाइल फोन पर बातें।
अगर आपको लगता है कि यह सब सिर्फ कहानी किस्से या किसी नाटक का हिस्सा है तो इसे अपने जेहन से निकाल दीजिए। क्योंकि हम बात कर रहे हैं एक ऐसे प्राचीन मंदिर की जिसमें विराजमान गणेश जी विदेशों में बसे अपने भक्तों से मोबाइल फोन के जरिए बातें करते हैं और उनकी मुरादें पूरी करते हैं।
गणेश जी मोबाइल पर कब और कैसे बातें करने लगे इसकी एक बड़ी ही रोचक कहानी है जिसे जानकर गणेश जी के मंदिर की घंटी बजाने भले ही आप न पहुंच पाएं मोबाइल पर नंबर डायल करके गणेश जी से बात करने के लिए मोबाइल की घंटी जरुर बजाएंगे।
मोबाइल पर मन्नत होती है पूरी
हम बात कर रहे हैं उस गणेश जी की जो मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में जूनी इलाके में बसे हैं। गणेश जी का यह मंदिर परमार कालीन माना जाता है जो करीब 1, 200 साल पुराना है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि चिंतामन गणेश जी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं इसलिए श्रद्धालु इनमें गहरी आस्था रखते हैं।
गणेश जी के हजारों लाखों भक्त विदेशों में बसे हैं जो हमेशा गणेश जी का ध्यान करते हैं और जब कभी संकट या तकलीफ में होते हैं तो गणेश जी के पास अपना संदेश पहुंचा देते हैं। विदेशों से यहां आना हमेशा संभव नहीं होता है इसलिए भक्तगण अपने मन की बात मोबाइल फोन से गणेश जी तक पहुंचा देते हैं।
कई भक्त बताते हैं कि मोबाइल पर की गई बातों से उन्हें लाभ मिला है इसलिए दिन-ब-दिन गणेश जी को फोन करने वाले भक्तों की संख्या बढ रही है।
कैसे शुरु हुआ फोन पर बात करने का सिलसिला
मंदिर के पुजारी का कहना है कि मोबाइल पर भक्त और भगवान की बातों का सिलासिला शुरु हुए कुछ ही साल हुए हैं, करीब 10 साल। इससे पहले भक्त अपनी मनोकामना पत्र लिखकर भेजते थे।
लोग मानते थे कि पत्रों को पढ़कर ही गणेश जी उनकी मुरादें पूरी कर देते थे। आज भी बहुत से भक्त पत्र लिखते हैं और उनकी मनोकामना पूरी होती है।
लेकिन फोन पर बात करने का सिलसिला कैसे शुरु हुए यह बताते हुए पुजारी कहते हैं कि यह एक बड़ी ही रोचक कहानी है जिसकी शुरुआत जर्मनी में बैठे गणेश जी के एक भक्त ने की थी।
इस तरह होती है गणेश जी से बातें
जर्मनी में बसे गणेश जी के भक्त ने एक बार फोन करके यह कहा कि उनकी बात गणेश जी से करवा दीजिए उनकी कुछ परेशानी है जो गणेश जी को बताना चाहते हैं। भक्त की भावना देखकर फोन गणेश जी के कान के पास लगा दिया।
कुछ दिनों बाद उस भक्त ने बताया कि गणेश जी ने उनकी मुराद पूरी कर दी है। इस घटना के बाद फोन पर गणेश जी से बातें करने का सिलसिला शुरु हो गया। अब भी जिन्हें फोन पर गणेश जी से बातें करनी होती है वह पुजारी के फोन पर कॉल करते हैं।
पुजारी फोन गणेश जी के कान से लगा देते हैं और इस तरह गणेश जी पास भक्तों का संदेश पहुंच जाता है।