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चाणक्य नीति: इन स्थितियों में भागना ही है बेहतर, अन्यथा प्राणों पर आ सकता है संकट

Sun, 19 Sep 2021 11:14 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: शशि सिंह Updated Sun, 19 Sep 2021 11:14 AM IST
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य का नाम आज भी श्रेष्ठ विद्वानों में लिया जाता है। वे अत्यंत कुशाग्र बुद्धि के राजनीति और कूटनीति में कुशल थे। उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर अपने शत्रु घनानंद का नाश किया और चंद्रगुप्त मौर्य को एक साधारण बालक से एक शासक के रुप में स्थापित किया। आचार्य चाणक्य एक विद्वान होने के साथ योग्य शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और यहीं पर शिक्षक के रुप में विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। उन्हें कई विषयों का गहरा ज्ञान था, इसी के साथ ही उन्हें जीवन की अच्छी और बुरी दोनों तरह की परिस्थितियों का अनुभव था। आचार्य चाणक्य ने मानव कल्याण के लिए कई शास्त्र लिखे, जिनमें से नीति शास्त्र की बातें आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। आचार्य चाणक्य ने नीतिशास्त्र में जीवन के कई महत्पूर्ण हिस्सों पर प्रकाश डाला गया है। आचार्य चाणक्य ने ऐसी परिस्थितियों का वर्णन भी किया है जिसमें भाग जाना ही उचित होता है। जानते हैं कौन सी हैं वे परिस्थितियां।

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

अकाल की स्थिति
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस स्थान पर अकाल की स्थिति बनी हुई हो वहां से भाग जाना ही उचित होता है, क्योंकि ऐसे स्थान पर रहने से आपके प्राणों पर संकट हो सकता है। ऐसे स्थान पर रहकर अपने प्राणों पर संकट आने का इंतजार करने से बेहतर है कि उस स्थान से पलायन कर लिया जाए।
 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

विदेशी या शत्रुओं का आक्रमण
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि युद्ध कि स्थिति में मुंह छिपाकर भागना भले ही कायरता कहलाता हो लेकिन जीवन बचने पर ही आप अपने शत्रु से विजय प्राप्त कर सकते हैं, इसलिए शत्रु अधिक ताकतवर होने की स्थिति में या फिर जहां पर विदेशी आक्रमण हो और आप उसका सामना करने में सक्षम न हो तो वहां से भाग जाना ही उचित होता है। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

दुष्ट व्यक्ति का संग-
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिस स्थान पर दुष्ट व्यक्ति हो, उस स्थान को तुरंत त्याग कर वहां से निकल जाना चाहिए। दुष्ट व्यक्ति अपने हित के लिए दूसरे का अहित करने में भी पीछे नहीं हटता है इसलिए ऐसे इंसान से दूर हो जाना ही बेहतर होता है।

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