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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Built 148 years later, these amazing coincidence Janmashtami

148 साल बाद बना है जन्माष्टमी पर ये अद्भुत संयोग

Wed, 28 Aug 2013 02:39 AM IST
अरविंद बाजपेयी/चंडीगढ़
अरविंद बाजपेयी/चंडीगढ़ Updated Wed, 28 Aug 2013 02:39 AM IST
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Built 148 years later, these amazing coincidence Janmashtami

जन्माष्टमी पर इस बार अद्भुत संयोग बन रहा है। ऐसा 148 साल बाद हो रहा है। भगवान कृष्ण का जन्म भाद्र पद की अष्टमी को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि के चंद्रमा के अंतर्गत हुआ था।

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ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता सपाटू ने बताया कि वर्ष 2013 में भी जन्माष्टमी पर (28 और 29 अगस्त की रात) वही सात योग एक साथ बन रहे हैं, जो भगवान कृष्ण के जन्म पर थे। ऐसे योग कई सदियों में एक-आध बार होते हैं।
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पिछली बार 148 साल पहले वर्ष 1865 में राहु और शनि का ऐसा ही योग बना था। बीसवीं शताब्दी में 19 साल पहले भी ऐसा ही योग बना था।

इस सदी में ऐसा योग पहली बार बना है। 28 और 29 अगस्त की रात को जन्म लेने वाले बच्चे शूरवीर, ज्ञानी और 16 कलाओं से पूर्ण होने के साथ ही देश को नई दिशा देने वाले भी होंगे।
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प्रेगनेंट लेडी चाहती हैं, आज हो डिलीवरी

चंडीगढ़ के प्रमुख प्राइवेट नर्सिंग होम्स में एक सप्ताह पहले से ही जन्माष्टमी पर बच्चे को जन्म देने की मांग आना शुरू हो गई थी। चंडीगढ़ की प्रमुख गायनोकोलाजिस्ट के अनुसार जन्माष्टमी के दिन करीब दस से ज्यादा दंपति डिलीवरी के लिए उनसे कह रहे हैं। यह वो प्रेगनेंट लेडी हैं, जिनका मैच्योरिटी पीरियड लगभग पूरा हो चुका है।


चंडीगढ़ में पचास से ज्यादा मैटरनिटी सेंटर हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रेगनेंट लेडी जन्माष्टमी पर डिलीवरी के लिए पहुंच रही हैं। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में भी डिलीवरी होंगी।

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