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जहां भगवान कृष्ण को आशीर्वाद देते हैं मनुष्य
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 28 Aug 2013 09:18 AM IST
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ईश्वर को प्रणाम करके उनसे आशीर्वाद लेने की परंपरा दुनिया के हर देश, हर भाग में मौजूद है लेकिन भारत में एक ऐसा स्थान है जहां जन्माष्टमी के दिन भगवान को प्रणाम करके आशीर्वाद लेने की बजाय लोग भगवान को ही आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह स्थान वृंदावन है जहां भगवान ने बाल लीला से भक्तों का मन मोह लिया था।
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यहां के लोग कृष्ण को नंद का लल्ला मानकर आज भी जन्माष्टमी के मौके पर आनंद में झूमकर बधईया गाते हैं और नंदलाल श्री कृष्ण को आशीर्वाद देते हैं। श्री राधारमण मंदिर वृंदावन के सेवायत आचार्य गोस्वामी पुष्पांग बताते हैं कि जन्माष्टमी के दिन पंचामृत, पंचगव्य, 64 दिव्य औषधियों, फूलों का रस, फलों का रस, रत्नों का जल, केसर आदि मंगलमय पदार्थों से श्री राधारमण लाल जी का अभिषेक किया जाता है।
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सभी वृंदावनवासी और भक्तजन मंदिर प्रांगण में उपस्थित होकर, दिव्य-अलौकिक छटा का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य करते हैं। एक और बहुत सुंदर परंपरा है, जो आज भी यहां मर्यादापूर्वक निभाई जाती है। जब नंद बाबा के यहां श्री कृष्ण ने जन्म लिया था, तब सभी व्रजवासियों ने उपस्थित होकर नंद के लाला को आशीर्वाद प्रदान किया था।
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इस दिन उसी भाव से आज भी व्रजवासी और भक्तजन श्री राधारमण लाल जी को आशीर्वाद देते हैं। अभिषेक के उपरांत 27 मांगलिक वस्तुओं से लाला की नजर उतारी जाती है। भक्त जन बधाई गाते है- `नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की।’ इस प्रकार वह उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ प्रति वर्ष मनाते हैं।