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पितृपक्ष के दौरान करें शांति के उपाय, घर की शुद्धि के लिए धूनी देने के वास्तु उपाय
Wed, 30 Sep 2026 01:23 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:23 PM IST
सार
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व होता है। पितृ पक्ष के दौरान कुछ उपाय करने से पितरों को शांति मिलती है। आइए जानते हैं पितृ पक्ष में कौन-कौन से उपाय कारगर साबित होते हैं।
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पितृ पक्ष
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पितृ पक्ष के 15 दिनों को हिंदू धर्म में पितरों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में पितरों का स्मरण और उनसे जुड़ी आध्यात्मिक ऊर्जा विशेष रूप से महसूस की जाती है। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान घर के वातावरण में भारीपन या नकारात्मकता महसूस हो सकती है। ऐसे में धूनी देकर घर के वातावरण को शुद्ध और सुगंधित करने का उपाय किया जाता है। गुग्गुल, कपूर, लोबान और हवन सामग्री जैसी चीजों की धूनी को वातावरण को पवित्र और सकारात्मक बनाने से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि पितृ पक्ष के इन 15 दिनों में नियमित रूप से उचित विधि से धूनी देने से घर का वातावरण शांत और शुद्ध बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
1. गुग्गुल की धूनी
पितृ पक्ष में पूजा या श्राद्ध कर्म के बाद गुग्गुल की थोड़ी मात्रा की धूनी देने की परंपरा कई परिवारों में देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुग्गुल की सुगंध वातावरण को पवित्र और शांत बनाने में सहायक मानी जाती है।
गुग्गुल को धूपदानी में रखकर सावधानीपूर्वक जलाएं और घर के प्रमुख हिस्सों में थोड़ी देर धूनी दें।
2. कपूर की धूनी
कपूर का प्रयोग हिंदू पूजा-पद्धति में लंबे समय से होता आया है। पितृ पक्ष के दौरान पूजा के बाद कपूर जलाकर उसकी सुगंध घर में फैलाना भी एक पारंपरिक उपाय माना जाता है।कपूर जलाते समय इसे पर्दे, कागज, फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें तथा कमरे में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें।
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3. लोबान की धूनी
लोबान की सुगंध धार्मिक वातावरण से जुड़ी हुई है। पितृ पक्ष के दौरान कई लोग घर में लोबान की धूनी देकर वातावरण को सुगंधित और आध्यात्मिक बनाने की परंपरा का पालन करते हैं।मान्यता के अनुसार, इससे घर में शांत वातावरण बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
4. नीम के सूखे पत्तों की धूनी
कुछ पारंपरिक घरेलू मान्यताओं में नीम के सूखे पत्तों की धूनी का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि नीम या किसी भी अन्य पदार्थ को जलाने से धुआं उत्पन्न होता है, इसलिए इसका प्रयोग बहुत सीमित मात्रा में और पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही करना चाहिए।
5. हवन सामग्री की धूनी
पितृ पक्ष में श्राद्ध या धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर प्रयोग की जाने वाली पारंपरिक हवन सामग्री की सुगंध भी घर के वातावरण को आध्यात्मिक बनाने में सहायक मानी जाती है। गुग्गुल, लोबान, चंदन और अन्य पारंपरिक सामग्री का प्रयोग धार्मिक विधि के अनुसार किया जा सकता है।
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1. गुग्गुल की धूनी
पितृ पक्ष में पूजा या श्राद्ध कर्म के बाद गुग्गुल की थोड़ी मात्रा की धूनी देने की परंपरा कई परिवारों में देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुग्गुल की सुगंध वातावरण को पवित्र और शांत बनाने में सहायक मानी जाती है।
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गुग्गुल को धूपदानी में रखकर सावधानीपूर्वक जलाएं और घर के प्रमुख हिस्सों में थोड़ी देर धूनी दें।
2. कपूर की धूनी
कपूर का प्रयोग हिंदू पूजा-पद्धति में लंबे समय से होता आया है। पितृ पक्ष के दौरान पूजा के बाद कपूर जलाकर उसकी सुगंध घर में फैलाना भी एक पारंपरिक उपाय माना जाता है।कपूर जलाते समय इसे पर्दे, कागज, फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें तथा कमरे में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें।
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3. लोबान की धूनी
लोबान की सुगंध धार्मिक वातावरण से जुड़ी हुई है। पितृ पक्ष के दौरान कई लोग घर में लोबान की धूनी देकर वातावरण को सुगंधित और आध्यात्मिक बनाने की परंपरा का पालन करते हैं।मान्यता के अनुसार, इससे घर में शांत वातावरण बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
4. नीम के सूखे पत्तों की धूनी
कुछ पारंपरिक घरेलू मान्यताओं में नीम के सूखे पत्तों की धूनी का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि नीम या किसी भी अन्य पदार्थ को जलाने से धुआं उत्पन्न होता है, इसलिए इसका प्रयोग बहुत सीमित मात्रा में और पर्याप्त वेंटिलेशन के साथ ही करना चाहिए।
5. हवन सामग्री की धूनी
पितृ पक्ष में श्राद्ध या धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर प्रयोग की जाने वाली पारंपरिक हवन सामग्री की सुगंध भी घर के वातावरण को आध्यात्मिक बनाने में सहायक मानी जाती है। गुग्गुल, लोबान, चंदन और अन्य पारंपरिक सामग्री का प्रयोग धार्मिक विधि के अनुसार किया जा सकता है।