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Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर करें तुलसी से जुड़े ये खास उपाय, बन जाएंगे बिगड़े काम
Fri, 20 Jun 2025 03:07 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 20 Jun 2025 03:07 PM IST
सार
भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय होती है। तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। योगिनी एकादशी पर व्रत रखने के साथ सुबह और शाम के समय तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना जरूरी करनी चाहिए।
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एकादशी उपाय
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
21 जून को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि और इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार एक वर्ष में कुल 24 एकादशी आती है जिसमें एक कृष्ण पक्ष में जबकि दूसरी शुक्ल पक्ष में पड़ती है। हर वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी का व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करवाने के बराबर का पुण्य लाभ मिलता है। एकादशी पर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी और तुलसी की पूजा होती है। इस व्रत को रखने और पूजा करने से सभी तरह के पापो से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस भगवान विष्णु के साथ-साथ तुलसी के पौधे की पूजा और कुछ ज्योतिषीय उपाय करने से शुभ फलों क प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे से जुड़े कौन-कौन से उपाय करना शुभ और लाभकारी माना जाता है।
योगिनी एकादशी पर तुलसी से जुड़े उपाय
- भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय होती है। तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। योगिनी एकादशी पर व्रत रखने के साथ सुबह और शाम के समय तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना जरूरी करनी चाहिए। इस दिन विधि-विधान के साथ तुलसी के पौधे की पूजा करने से साथ लाल रंग की चुनरी या फिर कोई लाल रंग का साफ-सुथरा कपड़ा अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे को पौधे की पूजा और चुनरी चढ़ाना न भूलें।
- तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे पर कलावा बांधते हुए श्रीहरि का नाम जपें। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा के साथ हर एक मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
तुलसी माता की आरती
जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।
बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता ।।
लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।
तुलसी माता की आरती
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥
धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥
सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
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योगिनी एकादशी पर तुलसी से जुड़े उपाय
- भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय होती है। तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। योगिनी एकादशी पर व्रत रखने के साथ सुबह और शाम के समय तुलसी के पौधे की पूजा-अर्चना जरूरी करनी चाहिए। इस दिन विधि-विधान के साथ तुलसी के पौधे की पूजा करने से साथ लाल रंग की चुनरी या फिर कोई लाल रंग का साफ-सुथरा कपड़ा अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे को पौधे की पूजा और चुनरी चढ़ाना न भूलें।
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- तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। योगिनी एकादशी पर तुलसी के पौधे पर कलावा बांधते हुए श्रीहरि का नाम जपें। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा के साथ हर एक मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर विष्णु जी को लगाएं इन दो चीजों का भोग, दूर होंगी सभी समस्याएं
- योगिनी एकादशी पर शाम के समय विधि-विधान के तुलसी के पौधे की पूजा करें और घी का दीपक जलाएं। इस उपाय से घर में छाई नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है।Shukrawar Upay: शुक्रवार का रखा है व्रत ? तो यहां जानें माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के सरल उपाय
- एकादशी पर तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना, जल चढ़ाना और मंत्र जप करना विष्णु कृपा प्राप्त करने का सरल उपाय है। पीपल के वृक्ष की पूजा करके सात परिक्रमा करने से पितृ दोष, ग्रह दोष और दरिद्रता दूर होती है।Tulsi Puja Benefits: तुलसी की पूजा करते समय करें ये एक काम, हर मनोकामना होगी पूरी
तुलसी जी के मंत्रमहाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
तुलसी माता की आरती
जय जय तुलसी माता
सब जग की सुख दाता, वर दाता
जय जय तुलसी माता ।।
सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर
रुज से रक्षा करके भव त्राता
जय जय तुलसी माता।।
बटु पुत्री हे श्यामा, सुर बल्ली हे ग्राम्या
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे, सो नर तर जाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वन्दित
पतित जनो की तारिणी विख्याता
जय जय तुलसी माता ।।
लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में
मानवलोक तुम्ही से सुख संपति पाता
जय जय तुलसी माता ।।
हरि को तुम अति प्यारी, श्यामवरण तुम्हारी
प्रेम अजब हैं उनका तुमसे कैसा नाता
जय जय तुलसी माता ।।
तुलसी माता की आरती
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥
धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥
सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।