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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Vishwakarma Jayanti 2022 Date 17 September 2022 Know Puja Vidhi Subh Muhurat and Importance

Vishwakarma Puja 2022: विश्वकर्मा जयंती आज,जानिए पूजाविधि,महत्व और पूजा का शुभमुहूर्त

Sat, 17 Sep 2022 05:37 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 17 Sep 2022 05:37 AM IST
सार

हिंदू पंचांग के अनुसार 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 35 मिनट से सुबह 09 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। उसके बाद दोपहर में शुभ मुहूर्त 01 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक है। फिर तीसरा शुभ समय दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शाम 04 बजकर 53 मिनट तक है।

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Vishwakarma Jayanti 2022 Date 17 September 2022 Know Puja Vidhi Subh Muhurat and Importance
Vishwakarma Puja 2022: भगवान विश्वकर्मा ने रावण की लंका, देवलोक,भगवान कृष्ण की द्वारिका और महाभारत काल में इंद्रप्रस्थ का निर्माण किया था। - फोटो : istock

विस्तार

सृष्टि के सबसे बड़े और अद्भुत शिल्पकार एवं प्रजापति ब्रह्मा जी के सातवें पुत्र भगवान विश्वकर्माजी का प्राकट्य दिवस हर साल कन्या संक्रांति के दिन मनाया जाता है, इस बार 17 सितंबर,शनिवार को मनाया जाएगा। विश्वकर्माजी दुनिया का पहले शिल्पकार,वास्तुकार और इंजीनियर थे। ऐसी मान्यता है कि जब ब्रह्राा  जी ने सृष्टि की रचना की तो निर्माण का कार्य इन्हें सौपा था। पौराणिक प्रसंगों के अनुसार ब्रह्मा जी के निर्देश पर ही विश्वकर्माजी ने इंद्रपुरी,त्रेता में लंका,द्वापर में द्वारिका एवं हस्तिनापुर, कलयुग में जगन्नाथपुरी आदि का निर्माण किया था। इसके अलावा श्रीहरि भगवान विष्णु के लिए सुदर्शन चक्र,शिव जी का त्रिशूल,पुष्पक विमान,इंद्र का व्रज को भी भगवान विश्वकर्मा ने ही बनाया था। विश्वकर्मा पूजा के दिन विशेष तौर पर औजारों,निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनों,दुकानों,कारखानों आदि की पूजा की जाती है। इसके साथ ही साथ विश्वकर्मा जी को यंत्रों का देवता भी माना गया है।

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पूजा का महत्व
इस दिन सभी कारखानों और औद्योगिक संस्थानों में लगी हुई मशीनों की पूजा की जाती है। इस दिन वाहन पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं साथ ही व्यापार में तरक्की और उन्नति प्राप्त होती है।इनकी पूजा करने से व्यक्ति में नई ऊर्जा का संचार होता है और व्यापार या निर्माण आदि जैसे कार्यों में आने वाली मशीनें,वाहन आदि कभी खराब नहीं होते हैं।
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पूजाविधि
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर,पूर्ण श्रद्धा भाव से अपने औजारों,मशीन आदि की सफाई करके विश्वकर्मा जी की प्रतिमा या चित्र लगाकर रोली,अक्षत,फल-फूल आदि से उनकी पूजा करें। सभी औजारों और मशीनों के कलावा बांधें एवं मिठाई से पूजा करते हुए उनकी आरती करें। पूजा के दौरान “ॐ विश्वकर्मणे नमः” मंत्र का उच्चारण करें। उसके बाद सभी को प्रसाद वितरित करें। ऐसा करने से भगवान विश्वकर्मा की कृपा से व्यापार में वृद्धि होती है।
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पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 35 मिनट से सुबह 09 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। उसके बाद दोपहर में शुभ मुहूर्त 01 बजकर 45 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक है। फिर तीसरा शुभ समय दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से शाम 04 बजकर 53 मिनट तक है। इन तीनों मुहूर्त में आप अपने फैक्ट्री,वाहन और औजारों की पूजा कर सकते हैं।

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