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Vaishakh Purnima 2025: आज वैशाख पूर्णिमा पर भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां, नहीं मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद
Mon, 12 May 2025 08:09 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 12 May 2025 08:09 AM IST
सार
Vaishakh Purnima 2025: वैशाख पूर्णिमा के दिन विशेष रूप भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन कुछ चीजों को करने से बचना चाहिए।
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Buddha Purnima 2025: वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है।
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
Vaishakh Purnima 2025: आज यानी 12 मई 2025 को वैशाख पूर्णिमा है। वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के रूप में हर साल मनाई जाती है। हिंदू धर्म में वैशाख महीने की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन पूर्णिमा पर किया जाने वाला कार्य बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के अवतार गौतम बुद्ध का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को ही हुआ था। इस दिन व्रत रखने, पूजा-पाठ करने और दान करने से जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है और मन शांत रहता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन विशेष रूप भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
वैशाख पूर्णिमा का महत्व
सभी माह की पूर्णिमा में वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। यह तिथि जहां एक तरफ धर्म, पूजा-पाठ, पुण्य और तप करने का दिन होता है और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी विशेष होता है, वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह को श्रीनारायण की भक्ति के लिए उत्तम मास माना गया है। इसके चलते हज़ारों श्रद्धालु पवित्र तीर्थ स्थलों में स्नान,दान कर पुण्य अर्जित करते हैं। पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्त्व है। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा जगत के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म मानने वाले यहाँ आते हैं। बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। वैशाख पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की भी पूजा करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन चंद्रदेव की पूजा करने से मानसिक रूप से शांति और सकारात्मतक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
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वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें
वैशाख पूर्णिमा पर क्या ना करें
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सभी माह की पूर्णिमा में वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। यह तिथि जहां एक तरफ धर्म, पूजा-पाठ, पुण्य और तप करने का दिन होता है और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी विशेष होता है, वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख माह को श्रीनारायण की भक्ति के लिए उत्तम मास माना गया है। इसके चलते हज़ारों श्रद्धालु पवित्र तीर्थ स्थलों में स्नान,दान कर पुण्य अर्जित करते हैं। पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्त्व है। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या पीपल पूर्णिमा कहा जाता है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा जगत के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित होती है। इसी दिन भगवान बुद्ध की जयंती और निर्वाण दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बोधगया में दुनियाभर से बौद्ध धर्म मानने वाले यहाँ आते हैं। बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसी वृक्ष के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। वैशाख पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की भी पूजा करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन चंद्रदेव की पूजा करने से मानसिक रूप से शांति और सकारात्मतक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
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वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें
- - वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी ब्रह्रामुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या फिर घर पर नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर स्नान करें। इस दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व होता है। स्नान करने के बाद मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें।
- - वैशाख पूर्णिमा के दिन स्नान और पूजा करने के बाद जरूरतमंदों को दान करें।
- - इस पावन अवसर पर व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। पूरे दिन उपवास रहते हुए शाम को फलाहार करें और पूजा-मंत्रों का जाप करें।
- - धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा माना जाता है कि जिस घर में साफ-सफाई होती है वहां पर मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में पूर्णिमा की तिथि पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए विशेष रूप से घर की साफ-सफाई करें और इस पवित्र रखें।
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वैशाख पूर्णिमा पर क्या ना करें
- - वैशाख पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन करने से बचें। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज से पूरी तरह दूरी बना कर रखें।
- - वैशाख पूर्णिमा के दिन काले रंग के कपड़े न तो पहनें और और न ही किसी को दान करें। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
- - इस दिन बाल धोना और कटवाना वर्जित होता है ऐसे में न तो इस दिन बाल कटवाएं और न ही नाखून।
- - वैशाख पूर्मिमा के दिन साफ और सुथरे वस्त्र की पहनें। पूजा में गंदे और बिना धुले कपड़े पहनने से पूजा का संपूर्ण लाभ नहीं मिलता है।
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