फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   today is tulsidas birthday and know more interesting facts about tulsidas

तुलसीदास जयंती: इतने दांतों के साथ जन्में थे 'रामबोला', 12 महीने तक रहे थे गर्भ में

Sun, 30 Jul 2017 10:31 AM IST
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 30 Jul 2017 10:31 AM IST
विज्ञापन
 today is tulsidas birthday and know more interesting facts about tulsidas

आज देशभर में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई जा रही है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को उत्तर प्रदेश के बांदा में इनका जन्म हुआ था। तुलसीदासजी ने श्रीरामचरितमानस और हनुमान चालीसा सहित अपने जीवन काल में 12 ग्रन्थों की रचना की थी। तुलसीदास को महर्षि वाल्मीकि का अवतार भी कहा जाता है। आइए जानते है गोस्वामी तुलसीदासजी से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

विज्ञापन


- तुलसीदास का जन्म मूल नक्षत्र में एक ब्राह्राण परिवार में हुआ था। ऐसी मान्यता है कि तुलसीदास अपनी माता के गर्भ में 12 महीने तक रहने के कारण काफी हुष्ट-पुष्ट थे। जन्म के समय में इनके मुख में 32 दाँत थे और जन्म लेने के साथ इन्होनें राम शब्द का उच्चारण किया था जिससे इनका नाम रामबोला पड़ गया।
विज्ञापन


- ऐसी मान्यता है कि तुलसीदास को हनुमान,भगवान राम-लक्ष्मण और शिव-पार्वतीजी के साक्षात दर्शन प्राप्त हुए थे। अपनी यात्रा के दौरान तुलसीदास काशी में उन्हें एक प्रेत मिला, जिसने उन्हें हनुमानजी का पता बताया। हनुमानजी के दर्शन  करने के बाद तुलसीदास ने भगवान राम के दर्शन कराने की प्रार्थना की। इसके बाद उन्हें भगवान राम के दर्शन हुए लेकिन  वह भगवान को पहचान नहीं सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


- इसके बाद दोबारा मौनी अमावस्या के दिन दोबारा भगवान श्रीराम के दर्शन हुए उन्होंने बालक रूप में आकर तुलसीदास से कहा-"बाबा! हमें चन्दन चाहिये क्या आप हमें चन्दन दे सकते हैं?" हनुमान ‌जी ने सोचा, कहीं वे इस बार भी धोखा न खा जायें, इसलिये उन्होंने तोते का रूप धारण दोहे में बोलकर इशारा किया। 
चित्रकूट के घाट पर, भइ सन्तन की भीर।
तुलसिदास चन्दन घिसें, तिलक देत रघुबीर॥

तुलसीदास श्रीराम जी की उस अद्भुत छवि को निहार कर अपने शरीर की सुध-बुध ही भूल गये। भगवान ने स्वयं अपने हाथ से चन्दन लेकर अपने तथा तुलसीदास जी के मस्तक पर लगाया और अन्तर्ध्यान हो गये।

 today is tulsidas birthday and know more interesting facts about tulsidas

- तुलसीदास जी विवाह रत्नावली नाम की कन्या से हुआ था। एक बार जब उनकी पत्नी अपने मायके गईं तो पीछे-पीछे वे भी वहां पहुंच गए। पत्नी ने जब यह देखा तो उन्होंने कहा कि जितना प्रेम आप मुझसे करते है उससे आधा भी यदि भगवान में होती तो तुम्हारा कल्याण हो जाता। पत्नी की यह बात तुलसीदासजी को लग गई और उन्होंने गृहस्थ आश्रम त्याग दिया भक्ति के सागर में डूब गए।

-  एक दिन सपने में भगवान शिव ने तुलसीदास को अपनी भाषा में काव्य रचना का आदेश दिया। जैसा योग राम के जन्म के समय था वैसा ही तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना प्रारम्भ की। दो वर्ष, सात महीने और छ्ब्बीस दिन में यह अद्भुत ग्रन्थ सम्पन्न हुआ।  

- इसके बाद भगवान की आज्ञा से तुलसीदास जी काशी चले आये। वहाँ उन्होंने भगवान्‌ विश्वनाथ और माता अन्नपूर्णा को श्रीरामचरितमानस सुनाया। रात को पुस्तक विश्वनाथ-मन्दिर में रख दी गयी। प्रात:काल जब मन्दिर के पट खोले गये तो पुस्तक पर लिखा हुआ पाया गया-सत्यं शिवं सुन्दरम्‌ जिसके नीचे भगवान्‌ शंकर की सही (पुष्टि) थी। उस समय वहाँ उपस्थित लोगों ने "सत्यं शिवं सुन्दरम्‌" की आवाज भी कानों से सुनी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed