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Mahashivratri 2019 : सिद्धि के लिए इस रात्रि करें साधना, महादेव देंगे मनचाहा वरदान
Thu, 21 Feb 2019 03:48 PM IST
Madhukar Mishra
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Madhukar Mishra
Updated Thu, 21 Feb 2019 03:48 PM IST
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shiva worship
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भगवान शिव की साधना-आराधना का महापर्व महाशिवरात्रि इस साल 4 फरवरी मार्च को पड़ेगा। शिव भक्तों के लिए शिवरात्रि का पावन पर्व बहुत महत्व रखता है। वैसे तो हर महीने की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है, लेकिन फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहते हैं। इस दिन बाबा भोले की पूजा करने का विशेष फल मिलता है।
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शिव साधकों का सबसे बड़ा पर्व
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्दशी की रात्रि भगवान शिव की साधना के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। ईशान संहिता के अनुसार ‘फाल्गुनकृष्णचर्तुदश्याम् आदि देवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भुत: कोटिसूर्यसमप्रभ:। तत्कालव्यापिनी ग्राह्या शिवरात्रिव्रते तिथि:।’ अर्थात् फाल्गुन चतुर्दशी की मध्यरात्रि में आदिदेव भगवान शिव लिंगरूप में अमिट प्रभा के साथ उद्भूत हुए। इस रात को कालरात्रि और सिद्धि की रात भी कहते हैं। यही कारण है कि महाशिवरात्रि के पर्व को शिव साधक बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं और पूरी रात पूजा और कीर्तन करते हैं।
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भगवान शिव को समर्पित पावन रात्रि अर्थात् महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा करवाने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-
https://www.amarujala.com/
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शिवरात्रि का पौराणिक महत्व
शिव की साधना को समर्पित महाशिवरात्रि के दिन सभी शिव मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है और विधि-विधान से भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी पावन रात्रि को भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश का सृजन किया था। मान्यता यह भी है कि इसी पावन दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का शुभ विवाह संपन्न हुआ था।
भोग और मोक्ष का मिलता है आशीर्वाद
भगवान शिव और देवी पार्वती को सृष्टि में भोग और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को मोक्ष या मुक्ति की रात्रि भी कहा गया है। इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा का विशेष फल मिलता है।