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शीतला अष्टमी/ बसौड़ा: क्या है इस पर्व का महत्व, जानिए पूजा विधि और मंत्र

Mon, 16 Mar 2020 07:35 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 16 Mar 2020 07:35 AM IST
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Sheetala Ashtami Basoda 2020 Puja Vidhi Importance and mantra
शीतला अष्टमी पूजा विधि
होली का त्योहार बीत जाने के बाद आने वाली सप्तमी या अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी जिसे बसौड़ा भी कहा जाता है मनाया जाता है। शीतला अष्टमी के एक दिन पहले ही मां शीतला को भोग लगाने के लिए कई तरह के पकवान तैयार किए जाते हैं। इसके बाद अष्टमी पर मां को बासी भोग लगाकर उनको भोग लगाया जाता है। बसौड़ा का पर्व  उत्तर भारत के कई राज्यों में विशेषकर राजस्थान में धूमधाम के साथ मनाया जाता है।
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शीतला अष्टमी तिथि और पूजा मुहूर्त 2020
शीतला अष्टमी जिसे बसौड़ा. लसौड़ा या बसियौरा के नाम से भी जाना जाता है चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी को है। इस बार यह पर्व रविवार, 16 मार्च 2020 है।
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शीतला सप्तमी- रविवार, 15 मार्च 2020
पूजा शुभ मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 35 मिनट से शाम 06 बजकर 36 मिनट तक
पूजा अवधि- 12 घंटे 01 मिनट तक


शीतला अष्टमी व्रत का महत्व
शीतला अष्टमी व्रत की आराधना का तरीका एकदम अलग होता है। शीतलाष्मटी के दिन पहले यानी सप्तमी तिथि पर कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। फिर अष्टमी तिथि पर बासी पकवान देवी को चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इस पर्व पर भोजन नहीं बनता बल्कि उसी चढ़े हुए बासी भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि इस समय से ही बसंत की विदाई होती है और ग्रीष्म का आगमन होता है, इसलिए अब यहां से आगे हमें बासी भोजन से परहेज करना चाहिए।
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इस मंत्र के जप से करें मां शीतला की आराधना

''ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः''
 
वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्। 
मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।। 


अर्थात्, मैं गर्दभ पर विराजमान, दिगंबरा, हाथ में झाड़ू तथा कलश धारण करने वाली, सूप से अलंकृत मस्तक वाली भगवती शीतला की वंदना करता हूं। इस वंदना मंत्र से यह पूर्णत: स्पष्ट हो जाता है कि ये स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी हैं। हाथ में झाड़ू होने का अर्थ है कि हम लोगों को भी सफाई के प्रति जागरूक होना चाहिए। कलश में सभी तैतीस करोड़ देवी देवाताओं का वास रहता है, अतः इसके स्थापन-पूजन से घर-परिवार में समृद्धि आती है।
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