Sawan 2024: घर में मौजूद है शिवलिंग तो इस विधि से करें पूजा, पूरी होंगी सारी मनोकामनाएं
अगर शिवलिंग घर में मौजूद है तो इसकी पूजा करने के कुछ नियम थोड़े अलग होते हैं। अगर पूजा नियम से किया जाए को घर पर शिवलिंग होने का बहुत लाभ मिलता है। आइए जानते हैं शिवलिंग की पूजा की विधि और नियम।
विस्तार
Shivling At Home: हिंदू धर्म में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके घर पर ही शिवलिंग स्थापित है। बहुत से लोग अपने पूजा घर में शिवलिंग है और कुछ लोगों के घर के द्वार पर शिवलिंग मौजूद है। जैसा की हम जानते हैं कि मंदिर में शिवलिंग की पूजा करने के लिए पूजारी बाबा मौजूद रहते हैं, इसलिए आम लोग सिर्फ कुछ नियमों का पालन करके और पूजा करके वापस आ सकते हैं। लेकिन अगर शिवलिंग घर में मौजूद है तो इसकी पूजा करने के कुछ नियम थोड़े अलग होते हैं। अगर पूजा नियम से किया जाए को घर पर शिवलिंग होने का बहुत लाभ मिलता है। सबसे बड़ी बात ये है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए कई लोग अपने घरों में ही शिवलिंग स्थापित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में शिवलिंग की पूजा कैसे की जाती है? आइए जानते हैं शिवलिंग की पूजा की विधि और नियम।
शिवलिंग की पूजा का महत्व
शिवलिंग की पूजा करने से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शिवलिंग की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री
पूजा में आप पूजा के बर्तन, पंच मिष्ठान्न, बेलपत्र, धतूरा, भांग, बेर, गुलाल और सफेद चंदन को जरूर रखें। इसके अलावा पंच फल, दक्षिणा, गन्ने का रस, गंगाजल, जल, दूध दही, कपूर, धूप, दीप, रूई, शहद, घी, नैवेद्य और रूद्राक्ष की माला सामग्री को भी रखें।
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शिवलिंग की पूजा विधि
आचमन: सबसे पहले आचमन करें। आचमन करते हुए, 'ॐ केशवाय नम:, ॐ नाराणाय नम:, ॐ माधवाय नम:, ॐ हृषीकेशाय नम:. इन मंत्र का उच्चारण करते हुए अंगूठे से मुख पोछ लें और ॐ गोविंदाय नमः मंत्र बोलकर हाथ धो लें। शिवलिंग पर गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं। शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल चढ़ाएं, संभव हो तो धतूर का फूल भी चढ़ाएं। नैवेद्य का शिवलिंग को भोग लगाएं। पंचाक्षर मंत्र 'नमः शिवाय' का 108 बार जाप करें। आप 21 बार भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके बाद शिवजी की आरती करें।
शिवलिंग की पूजा के नियम
शिवलिंग को हमेशा साफ-सुथरा रखें। शिवलिंग को कभी भी पैरों से स्पर्श न करें। शिवलिंग को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाएं। शिवलिंग को कभी भी अकेला न छोड़ें। शिवलिंग की पूजा करते समय मन को एकाग्र रखें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।