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Krishna Janmashtami 2025: दुर्लभ योग में कृष्ण जन्माष्टमी-जानें इसका ज्योतिषीय महत्व और राशि अनुसार दान
Fri, 15 Aug 2025 04:09 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 15 Aug 2025 04:09 PM IST
सार
Krishna Janmashtami 2025: इस बार जन्माष्टमी का त्योहार कई मायनों में खास रहने वाला है। जन्माष्टमी पर कई बार दुर्लभ ग्रहों के योगों का निर्माण हो रहा है। जन्माष्टमी पर दुर्लभ योग और नक्षत्रों के बनने पर विशेष फलों की प्राप्ति होती है।
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कृष्ण जन्माष्टमी 2025
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
Krishna Janmashtami 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण जी का अवतरण द्वापर युग में धर्म की विजय के लिए अधर्म के नाश के रूप में हुआ था। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है और देश भर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और आधी रात तक जगकर जन्मोत्सव का पर्व मनाया जाता है। इस बार जन्माष्टमी का त्योहार कई मायनों में खास रहने वाला है। जन्माष्टमी पर कई बार दुर्लभ ग्रहों के योगों का निर्माण हो रहा है। जन्माष्टमी पर दुर्लभ योग और नक्षत्रों के बनने पर विशेष फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कौन-कौन से शुभ योगों का निर्माण हो रहा है और क्या करना चाहिए।
जन्माष्टमी शुभ योग और मुहूर्त 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 16 अगस्त, शनिवार के दिन पड़ रही है। जिस कारण से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से 16 अगस्त 2025 को जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही खास रहेगा। 16 अगस्त 2025 को वृद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि योग और ज्वालामुखी योग का महासंयोग बन रहा है। जन्माष्टमी पर निशीथ काल पूजा का मुहूर्त मध्यरात्रि 12 बजकर 03 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस तरह से जन्माष्टमी पूजा के लिए कुल 43 मिनट तक समय मिलेगा। वहीं जन्माष्टमी पर पारण का शुभ मुहूर्त- 17 अगस्त को सुबह 05 बजकर 50 मिनट के बाद होगा।
कृष्ण जन्माष्टमी पर राशि अनुसार क्या करें दान
मेष राशि- मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगलदेव होते है ऐसे में जन्माष्टमी पर इस राशि के लोगों को गेहूं और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में ऊर्जा,जोश, उमंग और उत्साह बना रहता है।
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वृषभ राशि- वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्रदेव होते हैं ऐसे में जन्माष्टमी के दिन माखन, मिश्री और चीनी का दान करने से सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
मिथुन राशि- इस राशि के स्वामी ग्रह बुध देव होते हैं। इस राशि के जातकों के लिए अन्नदान अत्यंत फलदायी है। किसी जरूरतमंद को भोजन कराना बहुत ही शुभ होता है।
कर्क राशि- कर्क राशि के जातकों के लिए उनके स्वामी ग्रह चंद्रमा होते हैं। दूध, दही, चावल और मिठाई का दान करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
सिंह राशि- सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्यदेव होते हैं। ऐसे में आपको गुड़, शहद और मसूर की दाल का दान करने से नेतृत्व क्षमता और आत्मबल में वृद्धि होती है।
तुला राशि- तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र देव होते हैं। ऐसे में जिन लोगों का लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए इस दिन श्वेत और नीले रंग के वस्त्र का दान करना चाहिए।
धनु राशि- धनु राशि के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति होते हैं। ऐस में इस दिन गीता या अन्य धार्मिक पुस्तकों का दान करने से ज्ञान, धर्म और आस्था में वृद्धि होती है।
मकर राशि- मकर राशि के जातकों के स्वामी ग्रह न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव होते हैं। ऐसे में इस दिन किसी गरीब को मध्य नीले रंग का वस्त्र दान करना शुभ माना गया है, जिससे कर्मफल में सुधार होता है।
मीन राशि- मीन राशि के जातकों के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति होते हैं। ऐसे में केले, बेसन के लड्डू, मिश्री और माखन का दान करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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जन्माष्टमी शुभ योग और मुहूर्त 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 16 अगस्त, शनिवार के दिन पड़ रही है। जिस कारण से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से 16 अगस्त 2025 को जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही खास रहेगा। 16 अगस्त 2025 को वृद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि योग और ज्वालामुखी योग का महासंयोग बन रहा है। जन्माष्टमी पर निशीथ काल पूजा का मुहूर्त मध्यरात्रि 12 बजकर 03 मिनट से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस तरह से जन्माष्टमी पूजा के लिए कुल 43 मिनट तक समय मिलेगा। वहीं जन्माष्टमी पर पारण का शुभ मुहूर्त- 17 अगस्त को सुबह 05 बजकर 50 मिनट के बाद होगा।
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कृष्ण जन्माष्टमी पर राशि अनुसार क्या करें दान
मेष राशि- मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगलदेव होते है ऐसे में जन्माष्टमी पर इस राशि के लोगों को गेहूं और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में ऊर्जा,जोश, उमंग और उत्साह बना रहता है।
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वृषभ राशि- वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्रदेव होते हैं ऐसे में जन्माष्टमी के दिन माखन, मिश्री और चीनी का दान करने से सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
मिथुन राशि- इस राशि के स्वामी ग्रह बुध देव होते हैं। इस राशि के जातकों के लिए अन्नदान अत्यंत फलदायी है। किसी जरूरतमंद को भोजन कराना बहुत ही शुभ होता है।
कर्क राशि- कर्क राशि के जातकों के लिए उनके स्वामी ग्रह चंद्रमा होते हैं। दूध, दही, चावल और मिठाई का दान करने से मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
सिंह राशि- सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्यदेव होते हैं। ऐसे में आपको गुड़, शहद और मसूर की दाल का दान करने से नेतृत्व क्षमता और आत्मबल में वृद्धि होती है।
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कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों के लिए वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुधदेव होते है इस राशि के जातकों के लिए गौ सेवा विशेष पुण्य प्रदान करती है। गौ माता को चारा खिलाना या उनकी देखभाल करना शुभ होता है।तुला राशि- तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र देव होते हैं। ऐसे में जिन लोगों का लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए इस दिन श्वेत और नीले रंग के वस्त्र का दान करना चाहिए।
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वृश्चिक राशि- इस राशि के जातकों के स्वामी ग्रह मंगलदेव होते हैं। कृष्ण जन्माष्टी पर गेहूं, गुड़ और शहद का दान करने से जीवन में सकारात्मकता और उन्नति आती है।धनु राशि- धनु राशि के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति होते हैं। ऐस में इस दिन गीता या अन्य धार्मिक पुस्तकों का दान करने से ज्ञान, धर्म और आस्था में वृद्धि होती है।
मकर राशि- मकर राशि के जातकों के स्वामी ग्रह न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव होते हैं। ऐसे में इस दिन किसी गरीब को मध्य नीले रंग का वस्त्र दान करना शुभ माना गया है, जिससे कर्मफल में सुधार होता है।
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कुंभ राशि- कुंभ राशि के स्वामी ग्रह भी शनिदेव होते हैं। इस राशि के जातक धन का दान करके आर्थिक स्थिरता और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।मीन राशि- मीन राशि के जातकों के स्वामी ग्रह देवगुरु बृहस्पति होते हैं। ऐसे में केले, बेसन के लड्डू, मिश्री और माखन का दान करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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