Ramadan 2021 Sehri, Iftar Time: रमजान मुबारक, जानें सहरी और इफ्तार का समय
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रमजान महीना अल्लाह की इबादत के लिए होता है। इस महीने रोजा रखे जाते हैं। पांचों वक्त की नवाज अदा की जाती है। कहा जाता है कि इस महीने की जाने वाली इबादत का सवाब अन्य महीनों से कई गुना ज्यादा मिलता है। रोजेदार के लिए अल्लाह जन्नत अता फरमाते हैं।
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Ramadan 2021: रमजान का पाक महीना इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, साल का नौवां महीना होता है। इसे इबादत का महीना कहा जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अनिवार्य रूप से रोजा रखा जाता है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रमजान महीना अल्लाह की इबादत के लिए होता है। इस महीने रोजा रखे जाते हैं। पांचों वक्त की नवाज अदा की जाती है। कहा जाता है कि इस महीने की जाने वाली इबादत का सवाब अन्य महीनों से कई गुना ज्यादा मिलता है। रोजेदार के लिए अल्लाह जन्नत अता फरमाते हैं।
रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार ये दो महत्वपूर्ण रस्में होती हैं। रमजान के दिनों में सुबह के समय जब भोजन किया जाता है तो उसको सहरी कहते हैं। इस रवायत को दिन में सूरज के निकलने से पहले किया जाता है। सेहरी करने को सुन्नत भी कहा जाता है। वहीं दिनभर रोजा रखने के बाद शाम के समय जब सूरज डूब जाने के बाद रोजा खोला जाता है इसे इफ्तार कहा जाता है। भारतीय समयानुसार, सहरी और इफ्तार का समय इस प्रकार है-
14 अप्रैल - सुबह 4:35 बजे - शाम 6:47 बजे
15 अप्रैल - सुबह 4:34 बजे - शाम 6:48 बजे
16 अप्रैल - सुबह 4:33 बजे - शाम 6:48 बजे
17 अप्रैल - सुबह 4:31 बजे - शाम 6:49 बजे
18 अप्रैल - सुबह 4:30 बजे - शाम 6:49 बजे
19 अप्रैल - सुबह 4:29 बजे - शाम 6:50 बजे
20 अप्रैल - सुबह 4:28 बजे - शाम 6:50 बजे
21 अप्रैल - सुबह 4:26 बजे - शाम 6:51 बजे
22 अप्रैल - सुबह 4:25 बजे - शाम 6:52 बजे
23 अप्रैल - सुबह 4:24 बजे - शाम 6:52 बजे
24 अप्रैल - सुबह 4:23 बजे - शाम 6:53 बजे
25 अप्रैल - सुबह 4:22 बजे - शाम 6:53 बजे
26 अप्रैल - सुबह 4:21 बजे - शाम 6:54 बजे
27 अप्रैल - सुबह 4:19 बजे - शाम 6:55 बजे
28 अप्रैल - सुबह 4:18 बजे - शाम 6:55 बजे
29 अप्रैल - सुबह 4:17 बजे - शाम 6:56 बजे
30 अप्रैल - सुबह 4:16 बजे - शाम 6:56 बजे
01 मई - सुबह 4:15 बजे - शाम 6:57 बजे
02 मई - सुबह 4:14 बजे - शाम 6:58 बजे
03 मई - सुबह 4:13 बजे - शाम 6:58 बजे
04 मई - सुबह 4:12 बजे - शाम 6:59 बजे
05 मई - सुबह 4:11 बजे - शाम 6:59 बजे
06 मई - सुबह 4:10 बजे - शाम 7.00 बजे
07 मई - सुबह 4:09 बजे - शाम 7:01 बजे
08 मई - सुबह 4:08 बजे - शाम 7:01 बजे
09 मई - सुबह 4:07 बजे - शाम 7:02 बजे
10 मई - सुबह 4:06 बजे - शाम 7:02 बजे
11 मई - सुबह 4:05 बजे - शाम 7:03 बजे
12 मई - सुबह 4:04 बजे - शाम 7:04 बजे
13 मई - सुबह 4:03 बजे - शाम 7:04 बजे
तीन अशरों में विभाजित है रमजान का पाक महीना
पहला अशरा - रमजान का पहला अशरा रहमत का होता है। इस महीने के पहले 10 दिन में रोजा रखने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में अधिक से अधिक दान करना चाहिए और जरूरतमंद, गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों में सभी के साथ प्यार से रहना चाहिए।
दूसरा अशरा - रमजान का दूसरा अशरा माफी का होता है। दूसरा अशरा 11वें रोजे से 20वें रोजे तक चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार इन दिनों में इबादत कर, अल्लाह से किए गए गुनाओं की माफी मांगी जाती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार दूसरे अशरे के दौरान जो भी व्यक्ति अपने गुनाहों के लिए मांफी मांगता है, उसे अल्लाह माफ करते हैं।
तीसरा अशरा - रमजान का तीसरा यानी अंतिम अशरा जहन्नम की आग से खुद को बचाने के लिए होता है। ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण भी माना जाता है। 21वें रोजे से शुरू होकर 30वें रोजे तक ये अशरा चलता है। इस्लामिक धर्म के अनुसार तीसरे और अंतिम अशरे के दौरान अल्लाह से जहन्नम से बचने के लिए दुआ की जाती है।