{"_id":"611783f18ebc3ee07117f7b3","slug":"raksha-bandhan-date-2021-raksha-bandhan-tithi-shubh-muhurat-and-importance","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raksha Bandhan Date 2021: 22 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार, जानिए किस मुहूर्त में बांधें राखी","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Raksha Bandhan Date 2021: 22 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार, जानिए किस मुहूर्त में बांधें राखी
Sun, 15 Aug 2021 06:38 AM IST
विनोद शुक्ला
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 15 Aug 2021 06:38 AM IST
सार
अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। इस दिन चंद्रमा मंगल के नक्षत्र और कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस बार भद्राकाल का भय भी नही रहेगा और ये पर्व सभी भाई-बहनों के लिए परम कल्याणकारी रहेगा।
विज्ञापन
Raksha Bandhan 2021: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि के दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Raksha Bandhan Date 2021: रक्षाबंधन भाई-बहन के आपसी प्रेम के प्रतीक का त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि के दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांधती हैं। इस बार भाई-बहन के आपसी प्रेम का पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त, रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र में मनाया जाएगा। बहनों को रक्षाबंधन के आने इंतजार बहुत होता है। इस दिन बहनें सज संवरकर भाई के माथे पर चंदन लगाती है और आरती उतारते हुए उन्हें मिठाई खिलाती हैं।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2021
इस साल पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त शनिवार की शाम से आरंभ हो जाएगी। रक्षाबंधन के दिन अति अशुभ कही जाने वाली शनिदेव की बहन भद्रा दिनभर नहीं रहेगी इसलिए शायं 04 बजकर 30 मिनट पर राहुकाल के आरम्भ होने से पहले पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा, इसमें भी दोपहर 12 बजे से 01 बजे का मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा। अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। इस दिन चंद्रमा मंगल के नक्षत्र और कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस बार भद्राकाल का भय भी नही रहेगा और ये पर्व सभी भाई-बहनों के लिए परम कल्याणकारी रहेगा।
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का त्योहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त का ख्याल रखते हुए भाई की कलाई में राखी बांधी जाती है। मान्यता है इस दिन मृत्यु के देवता यमराज को उनकी बहन यमुना ने उनकी कलाई में राखी बांधी थी और इसके बदले में यमराज से अमरता का वरदान प्राप्त किया था।
विज्ञापन
इस बार भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन
रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा और ग्रहण से मुक्त होने पर ही मनाया जाता है। शास्त्रों में भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने की परंपरा है। भद्रा रहित काल में राखी बांधने से सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है। इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा की नजर नहीं लगेगी। जिस कारण से इस बार का रक्षाबंधन का संयोग शुभ और सौभाग्यशाली रहेगा।
विज्ञापन
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त 2021
इस साल पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त शनिवार की शाम से आरंभ हो जाएगी। रक्षाबंधन के दिन अति अशुभ कही जाने वाली शनिदेव की बहन भद्रा दिनभर नहीं रहेगी इसलिए शायं 04 बजकर 30 मिनट पर राहुकाल के आरम्भ होने से पहले पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा, इसमें भी दोपहर 12 बजे से 01 बजे का मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा। अच्छे मुहूर्त अथवा भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है। इस दिन चंद्रमा मंगल के नक्षत्र और कुंभ राशि में गोचर करेंगे। इस बार भद्राकाल का भय भी नही रहेगा और ये पर्व सभी भाई-बहनों के लिए परम कल्याणकारी रहेगा।
विज्ञापन
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का त्योहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त का ख्याल रखते हुए भाई की कलाई में राखी बांधी जाती है। मान्यता है इस दिन मृत्यु के देवता यमराज को उनकी बहन यमुना ने उनकी कलाई में राखी बांधी थी और इसके बदले में यमराज से अमरता का वरदान प्राप्त किया था।
विज्ञापन
इस बार भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन
रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा और ग्रहण से मुक्त होने पर ही मनाया जाता है। शास्त्रों में भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने की परंपरा है। भद्रा रहित काल में राखी बांधने से सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है। इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा की नजर नहीं लगेगी। जिस कारण से इस बार का रक्षाबंधन का संयोग शुभ और सौभाग्यशाली रहेगा।