फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   raksha bandhan 2020 vedic rakhi vidhi and importance of raksha bandhan

Raksha Bandhan 2020: घर पर रखी इन चीजों से बनाएं वैदिक राखी और इस मंत्र का करें उच्चारण

Mon, 03 Aug 2020 06:13 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 03 Aug 2020 06:13 AM IST
विज्ञापन
raksha bandhan 2020 vedic rakhi vidhi and importance of raksha bandhan
Raksha Bandhan 2020
इस बार रक्षाबंधन का त्योहार पहले जैसा नहीं मनाया जा सकेगा। देशभर में फैले कोरोना वायरस के कारण ज्यादातर बाजार बंद हैं। लोग भी बाजार से राखी की खरीददारी के लिए नहीं निकल रहे हैं। लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए सामाजिक दूरी का पालन कर रहें। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए कई लोग वैदिक राखी बना रहे हैं। ताकी बहनें अपने भाईयों की कलाई में राखी बांध सके। आइए जानते हैं कैसे वैदिक राखी तैयार की जा सकती है।
विज्ञापन


वैदिक राखी बनाने के लिए रसोई और पूजा घर में रखी कुछ चीजों का प्रयोग किया जा सकता है। वैदिक राखी के लिए दूर्वा, अक्षत, चंदन, केसर, सरसों के दाने और सिक्के की जरुरत होती है। इन सभी चीजों को एक लाल या पीले रंग के कपड़े में बांधकर पोटली बना ले फिर इस पोटली को कालवा से एक किनारे से दूसरे किनारे में सिलाई कर लें। रक्षाबंधन के दिन इस वैदिक रक्षा सूत्र को भद्रा रहित काल में भाई को माथे पर तिलक लगाकर उसकी कलाई में इसे बांध दे।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


Raksha Bandhan 2020: भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती है राखी, जानिए 3 अगस्त का भद्रा और राहुकाल का समय

वैदिक राखी में इन चीजों का महत्व
दूर्वा
हिंदू धर्म में पूजा के लिए दूर्वा घास का विशेष महत्व होता है। इस दूर्वा घास को बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। हर तरह के धार्मिक पूजा पाठ और अनुष्ठान में दूर्वा का प्रयोग किया जाता है। दूर्वा सभी देवों में प्रथम पूजनीय देव भगवान गणेश को अत्यंत ही प्रिय होती है। ऐसे में वैदिक राखी में दूर्वा का प्रयोग करने से भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलेगा और भाई की कलाई में यह रक्षासूत्र उसको हर परेशानियों से निजात दिलाएगी।
चावल
हिंदू धर्म में कोई भी धार्मिक अनुष्ठान बिना अक्षत के पूरा नहीं होता है। पूजा-पाठ में अक्षत का बहुत ही महत्व होता है। ऐसे में राखी में अक्षत होने से भाई और बहन के प्रेम में किसी भी तरह की कोई भी कमी नहीं होगी।
केसर
केसर का भी उपयोग सनातन धर्म में पूजा-पाठ करने के लिए किया जाता है। केसर के रंग और उसकी महक काफी ऊर्जावान होती है। ऐसे में वैदिक राखी में केसर के इस्तेमाल से भाई-बहन के प्यार और स्नेह में बढ़ोतरी होगी।
चंदन 
चंदन से हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का तिलक किया जाता है। चंदन में शीतलता और मन को शांत रखने के गुण होता है। 
सरसों के दाने
सेहत के लिहाज से सरसों का आयुर्वेद में विशेष महत्व होता है। सरसों के सेवन से बीमारियां दूर भागती हैं। वैदिक रक्षा सूत्र में सरसों के दाने डालने पर भाई को 

बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों से हमेशा रक्षा होगा।
सिक्का
सिक्सा धन और संपदा का प्रतीक होता है। यह माता लक्ष्मी की प्रिय चीजों में से एक है। ऐसे में वैदिक राखी की पोटली में एक सिक्का डालकर भाई की कलाई में बांधने से उसके जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होगी और हर तरह के ऐशोआराम की सुविधा माता लक्ष्मी प्रदान करेंगे। 

रक्षासूत्र का महत्व
हिंदू शास्त्र में मौली या रक्षासूत्र बांधने का महत्व भी बताया गया है, जिसके अनुसार रक्षासूत्र बांधने से त्रिवेदों और तीनों महादेवियों की कृपा होती है। ये महादेवियां हैं- महालक्ष्मी, जिनकी कृपा से धन संपत्ति आती है। दूसरी महादेवी हैं सरस्वती, जिनकी कृपा से विद्या बुद्धि प्राप्त होती है और तीसरी देवी हैं मां काली, इनकी कृपा से मनुष्य बल और शांति प्राप्त करता है। कलावा बाँधने की प्रथा तबसे चली आ रही है जब दानवीर राजा बलि की अमरता के लिए श्री विष्णु अवतार वामन भगवान ने उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा था। रक्षासूत्र बांधते वक्त इस चमत्कारी मंत्र का उच्चारण जरूर करना चाहिए।
मंत्र-
 येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
 तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।


वास्तु में रक्षासूत्र का महत्व
मौली को कई जगह कलावा भी कहा जाता है, यह दिखने में लाल और केसरी रंग का होता है ।ये रंग शक्ति, शौर्य एवं सौभाग्य का प्रतीक है। वास्तु के अनुसार माना जाता है कि कलाई पर मौली बांधने से जीवन पर आने वाले कई संकटों से रक्षा होती है।शरीर में पंच तत्वों का संतुलन ठीक बना रहता है,जिस कारण ये धागा आपको कई रोगों से भी बचाता है।न केवल इसे बाँधने से बल्कि मौली से बनाई गईं सजावट की वस्तुओं को भी घर में रखने से बरकत होती है और सकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि होती है।

रक्षाबंधन पर अपने ईष्टदेव को भी बांधे
रक्षाबंधन पर न सिर्फ बहनों को भाइयों की कलाई में राखी बांधनी चाहिए बल्कि सुबह सबसे पहले पूजा-पाठ कर अपने ईष्टदेवों को भी राखी बांधनी चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed