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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Radha Ashtami 2024 Rules Do’s and Don'ts To Follow Puja Vidhi Importance And Significance

Radha Ashtami 2024: राधा अष्टमी आज, राधा-कृष्ण की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं

Wed, 11 Sep 2024 07:09 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 11 Sep 2024 07:09 AM IST
सार

Radha Ashtami 2024: राधा अष्टमी के दिन सबसे पहले राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्र की विधिपूर्वक पूजा करें। उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाएं और विभिन्न प्रकार के फूलों से उनका श्रृंगार करें। तुलसी, मालती और गुलाब के फूलों से विशेष रूप से पूजा की जाती है।
 

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Radha Ashtami 2024 Rules Do’s and Don'ts To Follow Puja Vidhi Importance And Significance
Radha Ashtami 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Radha Ashtami 2024: राधा अष्टमी, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। राधा जी को भगवान श्रीकृष्ण की संगिनी और भक्ति की देवी माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा और भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्त राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। आइए जानते हैं राधा अष्टमी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
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क्या करें
राधा-कृष्ण की संयुक्त पूजा करें
राधा अष्टमी के दिन सबसे पहले राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्र की विधिपूर्वक पूजा करें। उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाएं और विभिन्न प्रकार के फूलों से उनका श्रृंगार करें। तुलसी, मालती और गुलाब के फूलों से विशेष रूप से पूजा की जाती है।
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व्रत रखें
इस दिन राधा रानी के सम्मान में व्रत रखने का विशेष महत्व है। व्रत के दौरान फलाहार और सात्विक भोजन का सेवन किया जाता है। व्रत रखने से भक्तों को मानसिक शांति और भक्ति में स्थिरता प्राप्त होती है।
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राधा चालीसा और राधा मंत्र का जाप करें
राधा अष्टमी के दिन भक्तों को राधा चालीसा, राधा स्तुति और "राधे राधे" मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे भक्ति और प्रेम की अनुभूति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

दीन-दुखियों और ब्राह्मणों को दान करें
राधा रानी करुणामयी मानी जाती हैं, इसलिए इस दिन गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दान देना शुभ माना जाता है। वस्त्र, भोजन और धन का दान करके पुण्य की प्राप्ति होती है और भक्तों पर राधा रानी की विशेष कृपा होती है।

क्या ना करें

नकारात्मक विचारों से बचें
राधा अष्टमी के दिन मन और वचन को शुद्ध रखें। नकारात्मकता, गुस्सा और क्रोध से बचें। यह दिन प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, इसलिए मन को शांत रखें और दूसरों के प्रति प्रेमपूर्ण व्यवहार करें।

तामसिक और मांसाहार से दूर रहें
राधा अष्टमी पर तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन वर्जित माना जाता है। इस दिन केवल सात्विक भोजन ही करना चाहिए। ऐसा करने से भक्तों का मन और आत्मा शुद्ध होती है और राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है।

अशुद्ध वस्त्र और अनियमित पूजा न करें
पूजा करते समय शुद्ध और साफ वस्त्र पहनना आवश्यक होता है। बिना स्नान किए पूजा न करें और न ही गंदे वस्त्र पहनकर पूजा करें। पूजा विधिपूर्वक और सच्चे मन से करनी चाहिए।


बुरे कर्मों से बचें
राधा रानी प्रेम और सच्चाई की प्रतीक हैं, इसलिए इस दिन किसी प्रकार के बुरे कार्य जैसे झूठ बोलना, छल-कपट करना या दूसरों का अपमान करना वर्जित माना गया है। हमेशा प्रेम और सद्भावना से काम करें।




 
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