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Putrada Ekadashi 2019: संतान प्राप्ति के लिए आज रखा जा रहा है पौष पुत्रदा एकादशी व्रत

Thu, 17 Jan 2019 10:48 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 17 Jan 2019 10:48 AM IST
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Putrada Ekadashi 2019 importance and vrat katha
एकादशी व्रत 2019

आज ( 17 जनवरी 2019) पौष मास की एकादशी तिथि है जिसे पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। पुत्र प्राप्ति के ले लिए और रक्षा के लिए यह एकादशी बहुत शुभ मानी जाती है। इस एकादशी को पुराणों में पवित्रा एकादशी नाम दिया गया है। इस एकादशी के विषय में मान्यता है कि, जो भी व्यक्ति श्रद्धा और नियम पूर्वक इस व्रत को रखता है उसके पूर्व जन्म के सभी पाप मिट जाते हैं और उसे संतान, धन-संपदा का सुख प्राप्त होता है।

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 पुत्रदा एकादशी का व्रत करने वाले को प्रातः काल स्नान ध्यान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। पूरे दिन व्रत रखकर संध्या के समय भगवान की फिर से पूजन करने के बाद फल ग्रहण कर सकते हैं। रात्रि जागरण करके भगवान का भजन कीर्तन करें। अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को ब्रह्मणों को भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा सहित विदा करें। इस प्रकार जो व्यक्ति पवित्रा एकादशी का व्रत करता है उसको वाजपेय यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। इससे पूर्व जन्म के पाप के कारण जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है और मनवांछित फल प्राप्त होता है। 
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पवित्रा एकादशी की कथा

प्राचीन काल में एक नगर में राजा महिजीत राज करते थे। निःसंतान होने के कारण राजा अक्सर बहुत दुःखी रहते थे। मंत्रियों से राजा का दुःख देखा नहीं गया और वह लोमश ऋषि के पास गये। ऋषि से राजा के निःसंतान होने का कारण और उपाय पूछा। लोमश ऋषि ने बताया कि पूर्व जन्म में राजा को एकादशी के दिन भूखा प्यासा रहना पड़ा। पानी की तलाश में एक सरोवर पर पहुंचे तो एक गाय वहां पानी पीने आ गई।
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राजा ने गाय को भगा दिया और स्वयं पानी पीकर प्यास बुझाई। इससे अनजाने में एकादशी का व्रत हो गया और गाय के भगान के कारण राजा को निःसंतान रहना पड़ रहा है। लोमश ऋषि ने मंत्रियों से कहा कि अगर आप लोग चाहते हैं कि राजा को पुत्र की प्राप्ति हो तो श्रावण शुक्ल एकादशी का व्रत रखें और द्वादशी के दिन अपना व्रत राजा को दान कर दें। मंत्रियों ने ऋषि के बताए विधि के अनुसार व्रत किया और व्रत का दान कर दिया। इससे राजा को पुत्र की प्राप्ति हुई। 

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