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Pushya Nakshtra : गुरु पुष्य नक्षत्र है आज, जानें शुभ समय और महत्व

Thu, 22 Feb 2024 07:33 AM IST
श्वेता सिंह मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य
मनोज कुमार द्विवेदी, ज्योतिषाचार्य Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 22 Feb 2024 07:33 AM IST
सार

गुरु पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 22 फरवरी को सूर्योदय से होगी और समाप्ति शाम 04 बजकर 43 मिनट पर होगी।  इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि योग,सौभाग्य और शोभन योग का संयोग भी बन रहा है।
 

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Pushya Nakshtra on 22nd February know its imporance in hindi
गुरु पुष्य नक्षत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। ऐसे में गुरुवार के दिन पुष्य योग होना सोने पर सुहागा जैसा माना जाता है। इस साल 22 फरवरी 2024 को गुरु पुष्य नक्षत्र रहेगा। इस दिन सोना-चांदी, भूमि, वाहन आदि चीजों की खरीदारी करने से लंबे समय तक उसमें सफलता और समृद्धि मिलती है। 

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गुरु पुष्य नक्षत्र शुभ समय  
गुरु पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 22 फरवरी को सूर्योदय से होगी और समाप्ति शाम 04 बजकर 43 मिनट पर होगी।  इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि योग,सौभाग्य और शोभन योग का संयोग भी बन रहा है।
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पुष्य नक्षत्र का महत्व 
सत्ताइस नक्षत्रों में पुष्य आठवां नक्षत्र है। इस नक्षत्र के उदय होने पर शुभ कार्य करना बहुत ही शुभ माना जाता है। सभी नक्षत्रों में इसे सबसे अच्छा माना जाता है। पुष्य नक्षत्र के दौरान चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होता है। बारह राशियों में एकमात्र कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है। इसके अलावा चंद्रमा अन्य किसी राशि का स्वामी नहीं है। चंद्रमा धन का देवता है। इसलिए पुष्य नक्षत्र को धन के लिए अत्यन्त पवित्र माना जाता है। इसलिए सोना, चांदी और नए सामानों की खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे पवित्र माना जाता है। इसमें विवाह को छोड़कर सभी कार्य किए जा सकते हैं। इस शुभ योग में शुरू किया गया कारोबार खूब फलता फूलता है।
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गुरु पुष्य नक्षत्र में करें ये काम 

  • यह नक्षत्र स्थायी है जो लोग इस नक्षत्र के दौरान कोई भी चीज खरीदते हैं। उस वस्तु का अस्तित्व लंबे समय तक के लिए बना रहता है।  शास्त्रों के अनुसार गुरु पुष्य योग में पारद लक्ष्मी घर में स्थापित करना शुभ माना गया है, इससे बरकत का वास होता है। धन की कमी दूर होती है।
  • गुरु पुष्य नक्षत्र पर गुरु बृहस्पति और शनि ग्रह का अधिपत रहता है गुरु बृहस्पति का शुभ आशीर्वाद पाने के लिए उनसे संबंधित चीजें खरीद सकते हैं, जैसे की पीतल के पात्र, पीले रंग के वस्त्र, सोने के आभूषण आदि।
  • पुष्य नक्षत्र में मंत्र दीक्षा, यज्ञ अनुष्ठान, उच्च शिक्षा ग्रहण करना,आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना, भूमि क्रय-विक्रय, और वेद पाठ आरंभ करना श्रेष्ठ माना जाता है।
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