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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Pradosh Vrat June 2021 Date muhurat timing vrat vidhi muhurat and singificance

Pradosh Vrat June 2021: सोम प्रदोष व्रत आज, इस शुभ मुहूर्त में करें भगवान शिव की पूजा

Mon, 07 Jun 2021 06:52 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Mon, 07 Jun 2021 06:52 AM IST
सार

मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसके जीवन से दु:ख दरिद्रता दूर होती है। साथ ही व्रत रखने वाले को कर्ज से मुक्ति मिलती है।

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Pradosh Vrat June 2021 Date muhurat timing vrat vidhi muhurat and singificance
सोम प्रदोष व्रत जून 2021 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Som Pradosh Vrat June 2021: ज्येष्ठ माह का पहला सोम प्रदोष व्रत आज 7 जून को है। यह व्रत हर माह में दो बार त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में) तिथि के दिन रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानी संध्या के समय की जाती है। यह व्रत फलाहार या निर्जला रहकर किया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है। मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था। माना जाता है शाप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था। तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया था। जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रदेव को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी। 

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सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - जून 07, 2021 को सुबह 08:48 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त - जून 08, 2021 को सुबह 11:24 बजे
प्रदोष पूजा मुहूर्त - जून 07, 2021 को शाम 07:08 बजे से रात्रि 09:09 बजे

प्रदोष व्रत पूजा विधि
प्रदोष व्रत करने के लिए त्रयोदशी के दिन जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें। भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें। इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं।
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भगवान शिव के मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ 
ॐ नमः शिवाय। ॐ आशुतोषाय नमः।

पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसके जीवन से दु:ख दरिद्रता दूर होती है। साथ ही व्रत रखने वाले को कर्ज से मुक्ति मिलती है। प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं।

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